Chief Justice of Jharkhand High Court: Complete Constitutional, Historical & Chronological Master Guide (2000–2026)
📌 JPSC / JSSC Judicial System Study Note (परीक्षा रणनीति):
“झारखंड उच्च न्यायालय (Jharkhand High Court) राज्य की न्यायपालिका का सर्वोच्च निकाय है। JPSC प्रारंभिक परीक्षा (Paper II – Polity & Administration) तथा JSSC CGL में मुख्य न्यायाधीशों के कालानुक्रम (Chronology), प्रथम व वर्तमान मुख्य न्यायाधीश, प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश तथा भारतीय संविधान के भाग 6 (अनुच्छेद 214 से 231) से संबंधित प्रश्न निरंतर पूछे जाते हैं। JPSC मुख्य परीक्षा (Paper IV – Indian Constitution & Governance) के निबंधात्मक उत्तर-लेखन हेतु यह अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
1. Establishment & Historical Background (झारखंड उच्च न्यायालय का इतिहास एवं स्थापना)
- पटना उच्च न्यायालय की सर्किट बेंच: 6 मार्च 1972 को ‘लेटर्स पेटेंट’ (Letters Patent) के क्लॉज 36 के तहत रांची में पटना उच्च न्यायालय की एक ‘सर्किट बेंच’ (Circuit Bench) स्थापित की गई थी, जिसे वर्ष 1976 में स्थायी पीठ (Permanent Bench) का दर्जा दिया गया।
- पूर्ण उच्च न्यायालय का गठन: बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 (Bihar Reorganisation Act, 2000) के तहत 15 नवंबर 2000 को राज्य गठन के साथ ही रांची में ‘झारखंड उच्च न्यायालय’ अस्तित्व में आया। यह भारत का 21वां उच्च न्यायालय बना।
- स्थान एवं परिसर: उच्च न्यायालय का मुख्य पीठ रांची में स्थित है। मई 2023 में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा धुर्वा, रांची में 165 एकड़ क्षेत्र में फैले नए अत्याधुनिक उच्च न्यायालय परिसर का उद्घाटन किया गया, जो क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के सबसे बड़े न्यायालय परिसरों में से एक है।
- स्वीकृत न्यायाधीश क्षमता: झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की कुल स्वीकृत संख्या 25 (20 स्थायी + 5 अतिरिक्त) है।
2. Constitutional Articles Related to High Courts (उच्च न्यायालय संबंधी संवैधानिक प्रावधान: अनुच्छेद 214 से 231)
भारतीय संविधान के भाग 6 (Part VI) में अध्याय 5 के अंतर्गत उच्च न्यायालयों का प्रावधान किया गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु प्रमुख अनुच्छेद निम्नलिखित हैं:
- अनुच्छेद 214 (Article 214): प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा।
- अनुच्छेद 215 (Article 215): उच्च न्यायालय का ‘अभिलेख न्यायालय’ (Court of Record) होना। इसे अपने अवमानना (Contempt of Court) के लिए दंडित करने की शक्ति प्राप्त है।
- अनुच्छेद 216 (Article 216): उच्च न्यायालयों का गठन—मुख्य न्यायाधीश तथा ऐसे अन्य न्यायाधीशों से मिलकर बनेगा जिन्हें राष्ट्रपति समय-समय पर नियुक्त करना आवश्यक समझे।
- अनुच्छेद 217 (Article 217): उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति एवं पद की शर्तें। (आयु सीमा: 62 वर्ष)।
- अनुच्छेद 219 (Article 219): न्यायाधीशों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान—राज्य के राज्यपाल (Governor) या उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति के समक्ष शपथ ली जाती है।
- अनुच्छेद 222 (Article 222): न्यायाधीशों का एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय में स्थानांतरण (Transfer)।
- अनुच्छेद 223 (Article 223): कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) की नियुक्ति।
- अनुच्छेद 226 (Article 226): रिट जारी करने की उच्च न्यायालय की शक्ति। उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अन्य कानूनी अधिकारों के प्रवर्तन हेतु 5 प्रकार की रिट (बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार पृच्छा, उत्प्रेषण) जारी कर सकता है। (नोट: अनुच्छेद 226 का दायरा सर्वोच्च न्यायालय के अनुच्छेद 32 से अधिक विस्तृत है)।
- अनुच्छेद 227 (Article 227): उच्च न्यायालय की सभी अधीनस्थ अदालतों एवं ट्रिब्यूनलों पर अधीक्षण (Superintendence) की शक्ति।
3. Appointment Procedure, Qualifications & Removal (नियुक्ति, योग्यताएं एवं पदच्युति)
- नियुक्ति प्रक्रिया (Appointment): अनुच्छेद 217 के अनुसार, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति (President of India) द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) तथा संबंधित राज्य के राज्यपाल (Governor) के परामर्श से की जाती है। व्यवहार में यह कॉलेजियम प्रणाली (Collegium System) की अनुशंसा पर आधारित होती है।
- योग्यताएं (Qualifications):
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- भारत के राज्यक्षेत्र में कम से कम 10 वर्षों तक न्यायिक पद (Judicial Office) धारण कर चुका हो, अथवा कम से कम 10 वर्षों तक किसी उच्च न्यायालय का अधिवक्ता (Advocate) रहा हो।
- शपथ (Oath): अनुच्छेद 219 के तहत मुख्य न्यायाधीश को पद की शपथ राज्य के राज्यपाल द्वारा दिलाई जाती है।
- कार्यकाल (Tenure): 62 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक। त्यागपत्र राष्ट्रपति को संबोधित करके दिया जाता है।
- पदच्युति (Removal Procedure): उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को केवल सिद्ध कदाचार (Proved Misbehaviour) या असमर्थता (Incapacity) के आधार पर संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव के पश्चात राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही हटाया जा सकता है (सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान प्रक्रिया)।
4. Complete Chronological List of Chief Justices of Jharkhand High Court (2000–2026)
15 नवंबर 2000 से लेकर वर्तमान तक झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों एवं कार्यकारी मुख्य न्यायाधीशों की प्रामाणिक सूची निम्नलिखित है:
| क्र.सं. (#) | मुख्य न्यायाधीश का नाम (Chief Justice Name) | कार्यकाल (Tenure Period) | विशेष विवरण / परीक्षा बिंदु |
|---|---|---|---|
| 1 | न्यायमूर्ति वी. के. गुप्ता (V. K. Gupta) | 15 नवं 2000 – 4 मार्च 2003 | झारखंड उच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश |
| 2 | न्यायमूर्ति पी. के. बालासुब्रमण्यन (P. K. Balasubramanyan) | 10 मार्च 2003 – 26 अग 2004 | बाद में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने |
| 3 | न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर (Altamas Kabir) | 1 मार्च 2005 – 8 सितं 2005 | आगे चलकर भारत के 39वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) बने |
| 4 | न्यायमूर्ति एम. वाई. इकबाल (M. Y. Eqbal – Acting) | 2005 – 2006 | कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) |
| 5 | न्यायमूर्ति आर. वी. रवींद्रन (R. V. Raveendran) | 17 सितं 2005 – 8 सितं 2006 | उच्च न्यायालय के चौथे नियमित मुख्य न्यायाधीश |
| 6 | न्यायमूर्ति एम. एस. शाह (M. S. Shah) | 2008 – 2009 | गुजरात उच्च न्यायालय से स्थानांतरित होकर आए |
| 7 | न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा (Gyan Sudha Misra) | 15 मार्च 2008 – 30 अप्रै 2010 | झारखंड उच्च न्यायालय की प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश |
| 8 | न्यायमूर्ति भगवती प्रसाद (Bhagwati Prasad) | 22 अग 2010 – 12 मई 2011 | राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश |
| 9 | न्यायमूर्ति प्रकाश चंद्र तातिया (Prakash Tatia) | 11 सितं 2011 – 3 अग 2013 | बाद में सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) के अध्यक्ष बने |
| 10 | न्यायमूर्ति आर. भानुमति (R. Banumathi) | 16 नवं 2013 – 12 अग 2014 | झारखंड उच्च न्यायालय की दूसरी महिला मुख्य न्यायाधीश |
| 11 | न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह (Virender Singh) | 13 अग 2014 – 6 अक्टू 2016 | पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से पदोन्नत |
| 12 | न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस (Aniruddha Bose) | 11 अग 2018 – 23 मई 2019 | कलकत्ता उच्च न्यायालय से पदोन्नत; सर्वोच्च न्यायालय पदोन्नत |
| 13 | न्यायमूर्ति डॉ. रवि रंजन (Dr. Ravi Ranjan) | 17 नवं 2019 – 19 दिसं 2022 | पटना उच्च न्यायालय से स्थानांतरित होकर मुख्य न्यायाधीश बने |
| 14 | न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा (Sanjaya Kumar Mishra) | 20 फर 2023 – 28 दिसं 2023 | उत्तराखंड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश पद से पदोन्नत |
| 15 | न्यायमूर्ति विद्युत रंजन सारंगी (B. R. Sarangi) | 5 जुलाई 2024 – 19 जुलाई 2024 | उड़ीसा उच्च न्यायालय से पदोन्नत; अति-अल्पकालिक कार्यकाल (15 दिन) |
| 16 | न्यायमूर्ति एम. एस. रामचंद्र राव (M. S. Ramachandra Rao) | 25 सितं 2024 – 21 जुला 2025 | हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद से स्थानांतरित |
| 17 | न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान (Tarlok Singh Chauhan) | 23 जुलाई 2025 – 8 जन 2026 | राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार द्वारा शपथ दिलाई गई |
| 18 | न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक (M. S. Sonak) | 9 जनवरी 2026 – वर्तमान (Incumbent) | झारखंड उच्च न्यायालय के 18वें तथा वर्तमान मुख्य न्यायाधीश (बॉम्बे हाईकोर्ट से पदोन्नत) |
5. Powers, Jurisdiction & Administrative Role (अधिकार क्षेत्र, शक्तियां एवं प्रशासनिक भूमिका)
- मूल क्षेत्राधिकार (Original Jurisdiction): राज्य विधानमंडल चुनावों से जुड़े विवाद, अवमानना (Contempt) मामले तथा संवैधानिक व्याख्या से संबंधित याचिकाओं की प्रत्यक्ष सुनवाई।
- रिट क्षेत्राधिकार (Writ Jurisdiction – Art 226): मौलिक अधिकारों तथा अन्य कानूनी अधिकारों के हनन पर बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार पृच्छा एवं उत्प्रेषण रिट जारी करने का व्यापक अधिकार।
- अपीलीय क्षेत्राधिकार (Appellate Jurisdiction): राज्य के अधीनस्थ दीवानी (Civil) एवं आपराधिक (Criminal) न्यायालयों के निर्णयों के विरुद्ध अपील सुनने की शक्ति।
- अधीक्षण एवं प्रशासनिक नियंत्रण (Superintendence – Art 227): मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में उच्च न्यायालय राज्य की समस्त अधीनस्थ अदालतों (District & Sessions Courts), श्रम अदालतों तथा पारिवारिक न्यायालयों पर प्रशासनिक नियंत्रण एवं अधीक्षण रखता है।
- झालसा के पदेन संरक्षक (Patron-in-Chief of JHALSA): मुख्य न्यायाधीश ‘झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण’ (Jharkhand State Legal Services Authority – JHALSA) के पदेन संरक्षक-इन-चीफ होते हैं, जो राज्य में निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करता है।
6. Key Special Highlights for Competitive Exams (परीक्षा हेतु विशेष स्मरणीय बिंदु)
- प्रथम मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति विनोद कुमार गुप्ता (V. K. Gupta) – 15 नवंबर 2000।
- प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा (Gyan Sudha Misra) – 2008।
- द्वितीय महिला मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति आर. भानुमति (R. Banumathi) – 2013।
- वर्तमान (18वें) मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक (M. S. Sonak) – 9 जनवरी 2026 से।
- सबसे छोटा नियमित कार्यकाल: न्यायमूर्ति बी. आर. सारंगी (B. R. Sarangi) – मात्र 15 दिन (जुलाई 2024)।
- सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने वाले पूर्व सीजे: न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर (Altamas Kabir)।
⚡ Quick Bites: 20 Key Facts for JPSC / JSSC Fast Revision
- उच्च न्यायालय का नाम: झारखंड उच्च न्यायालय (Jharkhand High Court), रांची
- स्थापना तिथि: 15 नवंबर 2000 (21वां उच्च न्यायालय)
- स्थापना अधिनियम: बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000
- सर्किट बेंच इतिहास: पटना उच्च न्यायालय की सर्किट बेंच (6 मार्च 1972)
- स्वीकृत न्यायाधीश संख्या: 25 (20 स्थायी + 5 अतिरिक्त)
- संविधान भाग व अध्याय: भाग 6, अध्याय 5 (अनुच्छेद 214 से 231)
- प्रथम मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति वी. के. गुप्ता (15 नवं 2000)
- प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा (2008)
- द्वितीय महिला मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति आर. भानुमति (2013)
- 18वें एवं वर्तमान मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक (9 जनवरी 2026 से)
- नियुक्ति का संवैधानिक अनुच्छेद: अनुच्छेद 217 (राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति)
- शपथ का अनुच्छेद: अनुच्छेद 219 (राज्यपाल द्वारा शपथ)
- रिट जारी करने की शक्ति: अनुच्छेद 226 (5 प्रकार की रिट)
- अभिलेख न्यायालय का दर्जा: अनुच्छेद 215
- न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु: 62 वर्ष
- नया न्यायालय परिसर: धुर्वा, रांची (165 एकड़, मई 2023 में उद्घाटन)
- विधिक सेवा प्राधिकरण: JHALSA के पदेन संरक्षक-इन-चीफ
- कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश का अनुच्छेद: अनुच्छेद 223
- अधीनस्थ न्यायालयों पर अधीक्षण: अनुच्छेद 227
- CJI बनने वाले पूर्व सीजे: न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर (39वें CJI)
❓ Frequently Asked Questions (FAQ) for JPSC/JSSC Aspirants
Q1: Who is the current Chief Justice of Jharkhand High Court as of 2026?
उत्तर: न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक (Justice Mahesh Sharadchandra Sonak) झारखंड उच्च न्यायालय के 18वें तथा वर्तमान मुख्य न्यायाधीश हैं। उन्होंने 9 जनवरी 2026 को पद की शपथ ली।
Q2: Who was the first Chief Justice of the Jharkhand High Court?
उत्तर: न्यायमूर्ति विनोद कुमार गुप्ता (Justice V. K. Gupta) राज्य गठन के दिन 15 नवंबर 2000 को झारखंड उच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश बने थे।
Q3: Who was the first woman Chief Justice of Jharkhand High Court?
उत्तर: न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा (Justice Gyan Sudha Misra) वर्ष 2008 में झारखंड उच्च न्यायालय की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनी थीं।
Q4: Under which Constitutional Article does the High Court issue Writs for fundamental rights?
उत्तर: अनुच्छेद 226 (Article 226) के तहत उच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों एवं अन्य कानूनी अधिकारों के प्रवर्तन हेतु 5 प्रकार की रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है।
Q5: Who administers the oath of office to the Chief Justice of Jharkhand High Court?
उत्तर: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 219 के तहत मुख्य न्यायाधीश को पद एवं गोपनीयता की शपथ संबंधित राज्य के राज्यपाल (Governor of Jharkhand) द्वारा दिलाई जाती है।
