Jharkhand Current Affairs 27 August 2026
📌 Daily Strategy & Editorial Capsule for JPSC / JSSC Aspirants
“Perfection is not attainable, but if we chase perfection we can catch excellence.”
परीक्षा विश्लेषण: सिविल सेवा मुख्य परीक्षा (Mains Answer Writing) के दृष्टिकोण से समसामयिक घटनाओं को केवल सूचना के रूप में न देखें। उन्हें संविधान के अनुच्छेदों, राज्य की नीतियों, वैधानिक समितियों और आर्थिक समीक्षा के मॉडलों से जोड़ें। खनिज रॉयल्टी और केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध (अनुच्छेद 268-281), जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के 18,250 करोड़ रुपये के फंड का गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और 10वीं अनुसूची के न्यायिक विकास जैसे विषयों पर तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक पकड़ मजबूत रखें।
खण्ड 1: झारखण्ड विशेष विस्तृत समसामयिकी (15 Comprehensive Jharkhand Articles)
1. Detailed Policy Analysis: The Political Economy of MMDR Amendment Act 2026 and Mineral Governance in Jharkhand
- विस्तृत घटनाक्रम एवं पृष्ठभूमि: केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में संसद में प्रस्तुत एवं पारित खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (Mines and Minerals Development and Regulation Amendment Bill, 2026) पर झारखंड के राजनीतिक, नीतिगत और सामाजिक हलकों में एक वृहद विमर्श छिड़ गया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रेस वार्ता कर दावा किया कि यह संशोधन विधेयक राज्य और राष्ट्र के समग्र आर्थिक विकास के अनुकूल है और इससे खनन क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी। वहीं, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और सत्तारूढ़ दलों ने इसे राज्य के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों पर प्रत्यक्ष आघात करार दिया है।
- जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के वित्तीय आंकड़े: वर्ष 2015 में MMDR अधिनियम में संशोधन के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास हेतु जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) की स्थापना की गई थी। आंकड़ों के अनुसार झारखंड में अब तक DMFT फंड के तहत कुल ₹18,250 करोड़ का राजस्व संग्रह किया जा चुका है। हालांकि, योजना क्रियान्वयन में अत्यधिक सुस्ती के कारण इसमें से ₹7,915 करोड़ से अधिक की धनराशि विभिन्न जिलों के खातों में अव्यवहृत (Unspent) पड़ी है, जबकि लगभग 2,487 विकास परियोजनाएं या तो प्रशासनिक देरी के कारण ठप हैं अथवा निरस्त कर दी गई हैं।
- जिलेवार अव्यवहृत राशि का विश्लेषण: DMFT फंड की अप्रयुक्त राशि का सबसे बड़ा हिस्सा राज्य के सर्वाधिक खनन प्रभावित क्षेत्रों में अटका हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, अकेले धनबाद जिले में ₹2,393.58 करोड़, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में ₹1,802.82 करोड़, चतरा जिले में ₹1,055.40 करोड़, पाकुड़ में ₹527.88 करोड़ और रामगढ़ जिले में ₹518.82 करोड़ की धनराशि बिना खर्च किए शेष है। इन क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, विशिष्ट स्वास्थ्य इकाइयां, विशेषज्ञ चिकित्सक और विद्यालयों में तकनीकी सुविधाओं की भारी कमी है।
- खदान संचालन एवं राजस्व निष्पादन तुलना: झारखंड में केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित कुल 34 कोल ब्लॉकों में से वर्तमान में केवल 4 कोल ब्लॉक ही पूरी तरह से क्रियाशील हैं, जबकि 30 ब्लॉक प्रशासनिक एवं पर्यावरणीय मंजूरियों के अभाव में लंबित हैं। इसी प्रकार, लौह अयस्क की 15 स्वीकृत खदानों में से मात्र 4 और बॉक्साइट की 37 में से केवल 17 खदानें ही परिचालन में हैं। राजस्व संग्रह की दृष्टि से पड़ोसी राज्य ओडिशा के साथ तुलनात्मक अध्ययन चिंताजनक स्थिति दर्शाता है। समान भूगर्भीय खनिज संपदा होने के बावजूद ओडिशा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹60,000 करोड़ के खनन राजस्व का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि झारखंड का लक्ष्य मात्र ₹18,844 करोड़ है।
- कोयला उत्पादन एवं सेस विवाद: वित्तीय वर्ष 2024-25 की प्रथम चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में राज्य का कुल कोयला उत्पादन 44.78 मिलियन टन था, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 की समान अवधि में घटकर 37.25 मिलियन टन रह गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार द्वारा खनिज युक्त भूमि पर लगाए जाने वाले लगभग ₹11,000 करोड़ के उपकर (Cess) के विधिक अधिकार को लेकर भी संवैधानिक गतिरोध बना हुआ है।
- JPSC/JSSC परीक्षा प्रासंगिकता: JPSC मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र-III (भारतीय अर्थव्यवस्था एवं झारखंड की अर्थव्यवस्था) तथा प्रश्नपत्र-IV (संविधान और लोक प्रशासन)। मुख्य परीक्षा में “झारखंड में खनिज दोहन बनाम सतत जनजातीय विकास” तथा “DMFT फंड का अभिशासन एवं चुनौतियां” विषय पर विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाने की प्रबल संभावना है।
2. JHALSA and DALSA Launch 60-Day State-Wide Mega Legal Awareness and Aid Campaign
- अभियान का शुभारंभ एवं प्रशासनिक संरचना: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) के कार्यपालक अध्यक्ष तथा झारखंड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देशों एवं झालसा की सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना तथा न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष डालसा रांची अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में 60 दिवसीय राज्यव्यापी मेगा कानूनी जागरूकता अभियान (चरण-1) का औपचारिक उद्घाटन रांची जिले के मांडर प्रखण्ड अंतर्गत महुआजाड़ी पंचायत भवन में किया गया।
- अभियान की कार्ययोजना एवं परिचालन टीमें: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA) रांची द्वारा इस अभियान के प्रभावी जमीनी क्रियान्वयन के लिए चार समर्पित टीमों (टीम-ए, टीम-बी, टीम-सी और टीम-डी) का गठन किया गया है। इन टीमों में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) के वरिष्ठ सदस्य, मध्यस्थ (Mediators), पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs) और पैनल अधिवक्ताओं को शामिल किया गया है। डालसा सचिव राकेश रौशन स्वयं प्रत्येक सप्ताह में दो बार चयनित गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करेंगे।
- लक्षित कल्याणकारी कार्यक्रम एवं शिक्षा योजना 2026: अभियान के पहले चरण में महुआजाड़ी गांव को मॉडल विलेज के रूप में चिन्हित किया गया है। इसके तहत नुक्कड़ नाटक, शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्में, मोबाइल एलईडी वैन और विधिक संवाद सत्रों के माध्यम से नालसा (NALSA) और झालसा की कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। डिप्टी एलएडीसीएस राजेश कुमार सिन्हा ने नालसा द्वारा संचालित ‘शिक्षा योजना 2026’ पर विशेष प्रकाश डालते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क और सुलभ न्याय पहुंचाने की प्रक्रिया को रेखांकित किया।
- संवैधानिक एवं परीक्षा संदर्भ: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 39A (समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता), जो 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) में जोड़ा गया था। इसके साथ ही विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (Legal Services Authorities Act, 1987) के विधिक प्रावधान जेपीएससी प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
3. Canadian Trade High Commissioner Visits CSIR-NML Jamshedpur to Form Strategic Mineral Partnership
- द्विपक्षीय तकनीकी विमर्श: भारत और कनाडा के मध्य वैज्ञानिक अनुसंधान, हरित खनन और तकनीकी सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से कनाडा के उच्चायोग के वाणिज्यिक मंत्री एड जेगर (Ed Jager) ने जमशेदपुर स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (CSIR-National Metallurgical Laboratory) का उच्चस्तरीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रयोगशाला के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ रणनीतिक बैठक की।
- रणनीतिक खनिज एवं पुनर्चक्रण तकनीक: बैठक का मुख्य केंद्र महत्वपूर्ण खनिजों (Critical and Strategic Minerals) जैसे लीथियम, कोबाल्ट, निकेल, टाइटेनियम और दुर्लभ मृदा तत्वों (Rare Earth Elements – REEs) का संधारणीय निष्कर्षण, उन्नत सामग्री विकास (Advanced Materials) तथा ई-अपशिष्ट (E-Waste) एवं औद्योगिक अवशिष्टों से धातुओं की पुनर्प्राप्ति (Metal Recycling) रहा। स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण (Clean Energy Transition) और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के दौर में इन खनिजों की आत्मनिर्भर आपूर्ति दोनों देशों की प्राथमिकता है।
- सीएसआईआर-एनएमएल का ऐतिहासिक महत्व: जमशेदपुर स्थित राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला की स्थापना 26 नवंबर 1950 को वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के तहत की गई थी। यह संस्थान देश में खनिज प्रसंस्करण, धातु विज्ञान, संक्षारण (Corrosion) नियंत्रण और अपशिष्ट न्यूनीकरण के क्षेत्र में भारत का सिरमौर संस्थान माना जाता है।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: झारखंड के प्रमुख राष्ट्रीय शोध संस्थान, खनिज संपदा का औद्योगिक अनुप्रयोग, भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंध और महत्वपूर्ण खनिज रणनीति 2026।
4. Alarming Rainfall Deficit Across Nine Districts of Jharkhand: Agricultural Vulnerability Assessment
- मानसूनी वर्षा की विषमता: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मौसम केंद्र रांची द्वारा 1 जून से 26 अगस्त 2026 तक जारी संचयी वर्षा आंकड़ों के अनुसार, झारखंड के 24 में से 9 जिलों में अत्यधिक गंभीर वर्षा कमी (Severe Rainfall Deficit) दर्ज की गई है, जबकि शेष 15 जिलों में वर्षा की स्थिति सामान्य के निकट है। इस मानसून विसंगति ने राज्य में खरीफ फसलों, विशेषकर धान की रोपनी और जलभंडारण को संकट में डाल दिया है।
- जिलेवार वर्षा विचलन आंकड़े: संताल परगना का पाकुड़ जिला राज्य में सर्वाधिक प्रभावित रहा है, जहां सामान्य की तुलना में -53% कम वर्षा दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त देवघर में -48%, कोडरमा में -45%, चतरा में -44%, गिरिडीह में -38%, गढ़वा में -37%, हजारीबाग में -32%, धनबाद में -31% और बोकारो जिले में सामान्य से -26% कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
- तापमान और स्थानीय वर्षा रिकॉर्ड: पिछले 24 घंटों में राज्य भर में सर्वाधिक वर्षा हजारीबाग जिले के कोनार में 43.4 मिलीमीटर दर्ज की गई। वहीं, पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में राज्य का उच्चतम तापमान 35.0°C दर्ज हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान लातेहार में 21.8°C रहा। रांची का अधिकतम तापमान 25.6°C और न्यूनतम 23.0°C रिकॉर्ड किया गया।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: झारखंड का भौतिक भूगोल, दक्षिण-पश्चिम मानसून की शाखाएं (बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर शाखा), कृषि-जलवायु क्षेत्र VII (Eastern Plateau and Hills Region), तथा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की सूखा राहत नीतियां।
5. National OBC Morcha Submits Memorandum Demanding Dedicated OBC Column in Census 2027
- ज्ञापन एवं प्रमुख मांगें: राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय कार्यालय, हरमू में महासचिव विनोद पाण्डेय को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। इसमें मांग की गई कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आगामी डिजिटल जनगणना 2027 के दूसरे चरण के प्रपत्र एवं मोबाइल ऐप में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए एक पृथक और अनिवार्य कॉलम शामिल कराने हेतु केंद्र सरकार पर दबाव बनाएं।
- प्रशासनिक विसंगति की ओर ध्यान: मोर्चा ने रेखांकित किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त (RGI) द्वारा तैयार 40-बिंदु ड्राफ्ट प्रपत्र में केवल अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और सामान्य जाति का ही विकल्प है, जबकि ओबीसी के लिए अलग ड्रॉप-डाउन विकल्प का अभाव है। झारखंड जैसे ओबीसी बहुल राज्य में सटीक जनसांख्यिकीय डेटा के बिना सामाजिक न्याय और आरक्षण नीतियों का युक्तिसंगत क्रियान्वयन संभव नहीं है।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: भारतीय संविधान की 7वीं अनुसूची (जनगणना – संघ सूची प्रविष्टि 69), अनुच्छेद 340 (पिछड़े वर्गों की स्थिति की जांच हेतु आयोग), काका कालेलकर आयोग (1953), बी.पी. मंडल आयोग (1979) और रोहिणी आयोग की रिपोर्ट।
6. Ramgarh District Administration Enforces Strict Actions Under Jharkhand Crime Control Act 2002
- प्रशासनिक आदेश एवं विधिक आधार: रामगढ़ जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और संगठित आपराधिक सिंडिकेट पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत की अनुशंसा पर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी ऋतुराज ने झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2002 (Jharkhand Crime Control Act, 2002) की धाराओं के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की है।
- जिला बदर एवं साप्ताहिक हाजिरी: उपायुक्त न्यायालय द्वारा पारित आदेश के तहत कुख्यात अपराधी रियाज अंसारी को आगामी 3 महीने के लिए रामगढ़ जिले की भौगोलिक सीमा से निष्कासित (जिला बदर/Externment) कर दिया गया है। आदेश के अनुसार, आरोपी को 24 घंटे के भीतर जिले की सीमा छोड़नी होगी और शस्त्र तुरंत स्थानीय थाने में जमा कराने होंगे। इसके साथ ही तीन अन्य अपराधियों—निशांत सिंह, प्रभात कुमार सिंह उर्फ सिक्कू सिंह और गुलशन कुमार सिंह को अगले 3 माह तक प्रति सप्ताह स्थानीय थाने में अनिवार्य व्यक्तिगत उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश दिया गया है।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: राज्य आंतरिक सुरक्षा, पुलिस प्रशासन, जिला दंडाधिकारी की निवारक शक्तियां (Preventive Powers) तथा राज्य विशिष्ट आपराधिक कानून।
7. JPSC-JSSC Reforms Manch Intensifies Agitation Demanding Transparent Recruitment and CBI Probe
- छात्र आंदोलन एवं प्रमुख आरोप: झारखंड में संयुक्त सिविल सेवा और कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवादों के खिलाफ आंदोलन कर रहे ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ ने रांची में प्रेस वार्ता आयोजित कर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। मंच की प्रमुख प्रतिनिधि अमीषा प्रसाद ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रखने वाले निर्दोष अभ्यर्थियों और शिक्षकों पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से गंभीर धाराओं में झूठी प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
- प्रमुख मांगें एवं सुधार प्रस्ताव: मंच ने मांग की है कि राज्य में आयोजित होने वाली सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की जांच राज्य सीआईडी (CID) के स्थान पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए। इसके अलावा, आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे बिना शर्त वापस लिए जाएं तथा भविष्य में जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के समन्वय अथवा यूपीएससी के मानकीकृत परीक्षा कैलेंडर के अनुरूप कराया जाए।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: संविधान का भाग XIV (अनुच्छेद 315 से 323 – लोक सेवा आयोग), राज्य लोक सेवा आयोग के कार्य, स्वायत्तता और प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC) की सिफारिशें।
8. Jharkhand Health Mission Conducts Large-Scale Free Health Camp in Rural Itki
- सामुदायिक स्वास्थ्य पहल: ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से झारखंड स्वास्थ्य मिशन रांची के तत्वावधान में रांची के मौसीबाड़ी (इटकी) में एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 150 से अधिक ग्रामीण महिला-पुरुषों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।
- चिकित्सीय सेवाएं: शिविर में द एलायंस हॉस्पिटल और शार्प साइट आई हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क रक्तचाप (Blood Pressure), ब्लड शुगर, नेत्र विकार, श्रवण (Hearing) दोष और सामान्य संक्रामक रोगों की जांच कर निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। मिशन के अध्यक्ष संतोष सोनी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गैर-संचारी रोगों (NCDs) की समय पर पहचान करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) झारखंड, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC), सतत विकास लक्ष्य 3 (SDG-3: Good Health and Well-being) और राज्य ग्रामीण स्वास्थ्य अवसंरचना।
9. Festive Economy: Raksha Bandhan Drives Over ₹100 Crore Turnover with Booming SHG Market in Jharkhand
- त्योहारी अर्थव्यवस्था का प्रभाव: रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में राजधानी रांची के अपर बाजार, डेली मार्केट और विभिन्न जिला मुख्यालयों के बाजारों में भारी आर्थिक हलचल देखी गई। झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और खुदरा व्यापार संघों के अनुमान के अनुसार, इस वर्ष अकेले झारखंड में रक्षाबंधन से जुड़े उत्पादों (राखी, वस्त्र, पारंपरिक मिष्ठान और उपहार) का कुल कारोबार ₹100 करोड़ के पार पहुंचने का अनुमान है।
- स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की भूमिका: इस वर्ष बाजार में चीन निर्मित प्लास्टिक और सिंथेटिक उत्पादों की तुलना में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) और ‘पलाश’ (Palash) ब्रांड के तहत ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार की गई जैविक, बांस शिल्प, लाह (Lac), टेराकोटा और खादी से निर्मित पारंपरिक राखियों की अभूतपूर्व मांग दर्ज की गई।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: ग्रामीण आजीविका संवर्धन, जेएसएलपीएस (JSLPS) की भूमिका, महिला सशक्तीकरण, कुटीर उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था का औपचारिक एकीकरण।
10. Nai Samaj Development Committee Meets Khijri MLA: Demands Formation of Kesh Kala Board and CNT Act Relief
- प्रतिनिधिमंडल की बैठक: नाई समाज विकास समिति रांची की केंद्रीय कमेटी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने खिजरी विधायक एवं कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप से औपचारिक मुलाकात की। समिति ने वर्ष 2020 में विधानसभा में हजाम/नाई समाज के मुद्दों को उठाने के लिए विधायक के प्रति आभार जताया और नवीन मांगों का एक ज्ञापन सौंपा।
- प्रमुख सामाजिक एवं विधिक मांगें: समिति ने राज्य में पारंपरिक शिल्पकारों एवं केश कलाकारों के आर्थिक उत्थान हेतु ‘झारखंड केश कला बोर्ड/आयोग’ (Kesh Kala Board) के गठन की मांग की। इसके साथ ही, छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act 1908) के तहत नापित/हजाम जाति के जाति प्रमाण-पत्र निर्गमन में आ रही जटिलताओं को दूर करने और कल्याणकारी योजनाओं में प्राथमिकता देने की अपील की।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम 1908 की प्रमुख धाराएं (विशेष रूप से धारा 46, 49 और 71A), राज्य में पारंपरिक कारीगरों के लिए गठित कल्याणकारी बोर्ड और सामाजिक सुरक्षा नीतियां।
11. Jharkhand Police Association Issues 5-Day Ultimatum Over Law Enforcement Dignity and Threat Cases
- विवाद एवं एसोसिएशन का कड़ा रुख: धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ फोन पर कथित अभद्र भाषा के प्रयोग और धमकी दिए जाने के मामले में झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय को 5 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए आरोपियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है।
- भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धाराएं: बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26, दिनांक 22 अगस्त 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 221 (लोक सेवक के सार्वजनिक कार्यों में बाधा डालना), धारा 224, धारा 132 (लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), धारा 351(2), धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) और धारा 3(5) (साझा इरादा) के तहत 10 नामजद व्यक्तियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो राज्य भर के पुलिसकर्मी काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन और सामूहिक आंदोलन करेंगे।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के प्रमुख नए प्रावधान, पुलिस सुधार (प्रकाश सिंह वाद 2006) और लोक सेवकों के विधिक संरक्षण तंत्र।
12. Dr. Pradeep Kumar Varma Takes Charge as BJP National Secretary: State Political Dynamics
- राजनीतिक नियुक्ति एवं राज्य कार्यालय दौरा: भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा झारखंड से राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा को पार्टी का राष्ट्रीय मंत्री बनाए जाने के पश्चात उन्होंने रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में औपचारिक पदभार ग्रहण और सांगठनिक बैठक की। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने उनका स्वागत किया।
- सांगठनिक लक्ष्य: डॉ. वर्मा ने अपने संबोधन में संगठन के जमीनी विस्तार, बूथ स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कैडर को तैयार करने पर बल दिया।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: झारखंड से संसद में प्रतिनिधित्व (राज्यसभा में 6 सीटें और लोकसभा में 14 सीटें), भारतीय संविधान का अनुच्छेद 80 (राज्यसभा की संरचना) और राज्य का राजनीतिक परिदृश्य।
13. Jharkhand Left Parties Challenge Central Protocol on Compulsory Singing of All Six Stanzas of Vande Mataram
- सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विवाद: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार द्वारा सभी आधिकारिक सरकारी कार्यक्रमों में इसके सभी छह अंतराओं (Stanzas) को गाए जाने का अनिवार्य प्रोटोकॉल जारी किया गया है। इस निर्णय पर झारखंड में वामदलों—माकपा (CPIM), भाकपा (CPI) और भाकपा-माले (CPI-ML) के शीर्ष नेताओं ने ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर कड़ा ऐतराज जताया है।
- 1937 कांग्रेस अधिवेशन का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: सीपीएम झारखंड के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव और भाकपा-माले के केंद्रीय समिति सदस्य शुभेंदु सेन ने कहा कि 1937 के ऐतिहासिक फैजपुर/कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और मौलाना अबुल कलाम आजाद की सर्वसम्मति से वंदे मातरम के केवल प्रारंभिक दो छंदों को ही राष्ट्रीय आंदोलन के साझा प्रतीक के रूप में स्वीकार किया गया था। शेष चार छंदों में धार्मिक रूपक होने के कारण संविधान सभा ने भी 24 जनवरी 1950 को केवल प्रारंभिक दो छंदों को राष्ट्रगीत का दर्जा प्रदान किया था।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: आधुनिक भारतीय इतिहास, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा ‘आनंदमठ’ (1882) की रचना, 1896 के कलकत्ता अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा प्रथम गायन, तथा संविधान सभा में राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत को अंगीकार करने की प्रक्रिया।
14. Dhurwa Police Bust Inter-District Motorcycle Theft Gang: 10 Vehicles Recovered
- अभियान एवं बरामदगी: रांची के धुर्वा थाना पुलिस ने सिठियो-धुर्वा मार्ग पर स्वर्णरेखा नदी पुल के समीप सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाते हुए अंतर-जिला मोटरसाइकिल चोर गिरोह के 8 शातिर सदस्यों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की 10 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
- अपराध का तरीका (Modus Operandi): पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह रांची, खूंटी, गुमला और लोहरदगा जिलों के साप्ताहिक हाट-बाजारों से दोपहिया वाहनों की चोरी करता था और चेसिस नंबर व फर्जी नंबर प्लेट बदलकर ग्रामीण क्षेत्रों में औने-पौने दामों पर बेच देता था। गिरफ्तार आरोपियों में भरत बेक, सुनील करमाली, रोहित उरांव और संजय गंझू शामिल हैं।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: राज्य पुलिस प्रशासन, अपराध जांच तकनीक (Crime Investigation Procedures) और संपत्ति संबंधी अपराधों पर कानूनी नियंत्रण।
15. Fast-Track Investigation Initiated in POCSO Case in Pakur District
- मामला एवं कानूनी कार्रवाई: पाकुड़ जिले के मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र में 4 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ घटित जघन्य दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता की मां की शिकायत पर कांड संख्या 200/26 के तहत लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने दो नामजद नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लेकर किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू की है।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: POCSO अधिनियम 2012 (संशोधित 2019), किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015, तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR/SCPCR) की विधिक भूमिका।
DRDO Indigenous MCPS System
Extreme Altitude Test
Nyoma-Mudh (Ladakh)
22,000 ft Drop at -15°C
Advanced Technology
NavIC Anti-Jamming GPS
Integrated Para-Computer
Joint R&D Agency
ADRDE Agra (DRDO)
+ BEML Bengaluru
खण्ड 2: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिकी (15 Comprehensive National & Global Articles)
16. DRDO Achieves Milestone with High-Altitude Trials of Indigenous Military Combat Parachute System (MCPS) in Eastern Ladakh
- परीक्षण का सामरिक महत्व: भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए दुनिया के सबसे ऊंचे और चुनौतीपूर्ण ड्रॉप जोनों में से एक—दक्षिण-पूर्वी लद्दाख के न्योमा-मुध ड्रॉप जोन (Nyoma-Mudh Drop Zone) में मिलिट्री कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम (MCPS) का सफल परीक्षण संपन्न किया। शून्य से -15 डिग्री सेल्सियस कम तापमान और विरल वायुदाब वाले इस क्षेत्र में तीन सैन्य टेस्ट जंपर्स ने 22,000 फीट की अत्यधिक ऊंचाई से छलांग लगाई और 13,700 फीट की ऊंचाई पर सुरक्षित व सटीक लैंडिंग की।
- विकास एवं सहयोगी संस्थाएं: यह अत्याधुनिक पैराशूट प्रणाली डीआरडीओ की आगरा स्थित प्रमुख अनुसंधान प्रयोगशाला एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADRDE) तथा बेंगलुरु स्थित सार्वजनिक उपक्रम बीईएमएल (BEML) द्वारा संयुक्त रूप से पूर्णतः स्वदेशी तकनीक से डिजाइन एवं विकसित की गई है। परीक्षण दल का नेतृत्व एडीआरडीई के विंग कमांडर राहुल, मुख्य टेस्ट जंपर आर.जे. सिंह और एमडब्ल्यूओ विवेक तिवारी ने किया।
- प्रमुख तकनीकी विनिर्देश (Specifications): MCPS भारतीय सशस्त्र बलों के उपयोग में आने वाली पहली और एकमात्र ऐसी पैराशूट प्रणाली है जो 25,000 से 32,000 फीट की अत्यधिक ऊंचाई (Extreme High Altitudes) से सैन्य कमांडो संचालन में सक्षम है। यह प्रणाली भारत के स्वदेशी उपग्रह नेविगेशन तंत्र नाविक (NavIC) से सीधे जुड़ी हुई है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक युद्ध या जीपीएस जैमिंग के दौरान भी अचूक दिशा-निर्देशन संभव होता है। इसमें उतरने की धीमी गति (Low Descent Rate), उत्कृष्ट स्टीयरिंग नियंत्रण, स्वदेशी पैरा-कंप्यूटर (Para-Computer), उच्च तुंगता वाला ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम और थर्मल जंपसूट शामिल हैं।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक, रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता (Make in India in Defence), डीआरडीओ की प्रमुख प्रयोगशालाएं और लद्दाख क्षेत्र की सामरिक अवसंरचना।
17. High-Level Bilateral Summit: India and Seychelles Forge Comprehensive Strategic Framework in Blue Economy
- शिखर वार्ता का दायरा: भारत और पश्चिमी हिंद महासागरीय द्वीप राष्ट्र सेशेल्स (Seychelles) के बीच समुद्री सुरक्षा, संधारणीय मत्स्य पालन, समुद्री जलीय कृषि (Mariculture) और नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) के व्यापक विकास हेतु नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने किया, जबकि सेशेल्स की ओर से मत्स्य, कृषि एवं ब्लू इकोनॉमी मंत्री वॉलेस कॉसग्रो ने वार्ता में हिस्सा लिया।
- सहयोग के प्रमुख आयाम: दोनों देशों ने समुद्री संसाधनों के डिजिटल डेटा प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मत्स्य स्टॉक निगरानी, आधुनिक टूना प्रसंस्करण (Tuna Processing), समुद्री हैचरी, मूल्य-वर्धित समुद्री उत्पाद विकास और संधारणीय अपशिष्ट प्रबंधन पर एक संयुक्त कार्ययोजना पर हस्ताक्षर किए। भारत ने सेशेल्स को अनुसंधान पोतों की सहायता और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
- भारत के मत्स्य क्षेत्र के आर्थिक आंकड़े: भारत वर्तमान में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक देश है। देश का कुल वार्षिक मत्स्य उत्पादन रिकॉर्ड 1.97 करोड़ टन तक पहुंच गया है, जबकि भारत का समुद्री उत्पाद निर्यात (Marine Exports) 8.46 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹70,000 करोड़) के स्तर को पार कर चुका है।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: भारत की हिंद महासागर नीति (SAGAR – Security and Growth for All in the Region), नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) के घटक, और भारत-अफ्रीका समुद्री रणनीतिक साझेदारी।
18. GLOF-Triggered Catastrophic Flash Floods in Nepal’s Bhote Koshi River: Transboundary Hydrological Impact
- आपदा की उत्पत्ति एवं विभीषिका: तिब्बत (चीन) के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित एक विशाल हिमनद झील के फटने (Glacial Lake Outburst Flood – GLOF) के कारण नेपाल के रसुवा जिले से बहने वाली भोटेकोशी नदी (Bhote Koshi River) में अचानक 3 मीटर ऊंची विनाशकारी जलप्रलय (Flash Flood) उत्पन्न हो गई। इस भीषण आपदा में अब तक 80 से अधिक लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 105 भारतीय तीर्थयात्रियों/पर्यटकों सहित 384 से अधिक लोग लापता हो गए हैं। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन जिलों में सड़कें, कई बड़े पुल और जलविद्युत परियोजनाएं पूरी तरह तबाह हो गई हैं।
- भारत और बिहार पर सीमा-पार प्रभाव: भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के उफान के बाद गंडक (नारायणी) नदी में अप्रत्याशित जलवृद्धि को देखते हुए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने उत्तर बिहार के 8 सीमावर्ती जिलों—पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर में रेड अलर्ट घोषित किया है। जल संसाधन विभाग ने वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज (Gandak Barrage) के सभी 36 फाटकों को खोलकर जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी स्थापित की है।
- राहत एवं भू-राजनीतिक सहयोग: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से दूरभाष पर वार्ता कर गहरी संवेदना व्यक्त की और 2,500 करोड़ नेपाली रुपये (लगभग ₹1,560 करोड़) तक की तत्काल मानवीय, चिकित्सकीय और पुनर्निर्माण सहायता की घोषणा की। भारतीय वायुसेना और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: हिमनद झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) के पर्यावरणीय कारण, हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में जलवायु परिवर्तन का प्रभाव, भारत-नेपाल जल संसाधन प्रबंधन (गंडक व कोसी समझौते) और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005।
19. Indian Railways Mega Modernization: 11,000 Kilometres Across Seven High-Density Corridors to be Four-Laned
- परियोजना का रणनीतिक खाका: केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे के लॉजिस्टिक्स कायाकल्प हेतु देश के सात अत्यधिक व्यस्त एवं उच्च-घनत्व रेल मार्गों (Seven High-Density Networks – HDN) को चार लेन (फोरलेन रेलमार्ग) में परिवर्तित करने की महापरियोजना का औपचारिक ऐलान किया है। इसके अंतर्गत लगभग 11,000 किलोमीटर लंबे ट्रंक रेल मार्गों पर अतिरिक्त लाइनें, स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग (ABS) और कवच (KAVACH) टक्कर-रोधी सुरक्षा प्रणाली स्थापित की जाएगी।
- यातायात भार एवं आर्थिक महत्व: प्रस्तावित सात उच्च-घनत्व गलियारे भारतीय रेल के कुल भौगोलिक नेटवर्क का मात्र 16 प्रतिशत हैं, परंतु देश के कुल यात्री एवं माल ढुलाई (Freight Traffic) का लगभग 41 प्रतिशत अकेले वहन करते हैं। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य प्रमुख औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों के बीच मालगाड़ियों की औसत गति को दोगुना करना और यात्री ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट की समस्या को समाप्त करना है।
- पहचाने गए सात प्रमुख HDN गलियारे: (1) दिल्ली-हावड़ा, (2) हावड़ा-चेन्नई, (3) चेन्नई-मुंबई, (4) मुंबई-दिल्ली, (5) दिल्ली-चेन्नई, (6) मुंबई-हावड़ा, और (7) दिल्ली-गुवाहाटी। यह नेटवर्क दिल्ली, मुंबई, वडोदरा, नागपुर, हावड़ा, चेन्नई और गुवाहाटी जैसे भारत के सबसे बड़े आर्थिक इंजनों को निर्बाध रेल संपर्क प्रदान करेगा।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: राष्ट्रीय रेल योजना 2030 (National Rail Plan 2030), पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP 2022) और समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (DFC) परियोजनाएं।
20. Constitutional Law in Action: Lok Sabha Speaker Issues Notice to 20 Rebel MPs Under the Tenth Schedule
- संसदीय कार्यवाही एवं कानूनी नोटिस: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों के खिलाफ दायर दल-बदल विरोधी याचिकाओं पर औपचारिक संज्ञान लेते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 7 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इन सांसदों द्वारा पार्टी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल होने के आधार पर सदस्यता रद्द करने की याचिका दायर की थी।
- सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका एवं न्यायिक समीक्षा: इससे पूर्व भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की थी कि दल-बदल याचिकाओं पर निर्णय लेने में अत्यधिक विलंब संसदीय लोकतंत्र की भावना के प्रतिकूल है और पीठासीन अधिकारी को निश्चित समय-सीमा के भीतर न्यायिक-कल्प (Quasi-Judicial) निर्णय लेना चाहिए।
- दल-बदल विरोधी कानून का विधिक इतिहास: भारतीय संविधान का 52वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 जिसके द्वारा संविधान में ’10वीं अनुसूची’ जोड़ी गई थी। इसके अतिरिक्त 91वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 जिसने मूल दल के एक-तिहाई विभाजन (Split) के अपवाद को समाप्त कर दिया और केवल दो-तिहाई सदस्यों के विलय (Merger) को ही विधिक मान्यता दी। किहोटो होलोहन बनाम ज़ाचिल्हू वाद (1992) में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि स्पीकर का निर्णय न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे में आता है।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: भारतीय राजव्यवस्था, संसदीय विशेषाधिकार, अनुच्छेद 102(2) (संसद सदस्यों की अयोग्यता), 10वीं अनुसूची के प्रावधान और चुनाव सुधार।
21. NITI Aayog Unveils “Reimagining Skilling for Viksit Bharat@2047” Report: Demographic Dividend Strategy
- रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष: भारत सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग (NITI Aayog) ने राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSS 78th Round) के आंकड़ों के गहन विश्लेषण के आधार पर ‘रीइमेजिनिंग स्किलिंग फॉर विकसित भारत@2047’ शीर्षक से एक ऐतिहासिक अध्ययन रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार देश में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 8.7 करोड़ (87 मिलियन) युवा वर्तमान में ‘NEET श्रेणी’ (Not in Education, Employment, or Training) में हैं, जो देश के जनसांख्यिकीय लाभांश के समक्ष गंभीर चुनौती है।
- व्यावसायिक शिक्षा का संकट: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के लक्ष्यों के बावजूद, रिपोर्ट में पाया गया कि देश के 12 माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में से 1 से भी कम विद्यालय में व्यावसायिक कौशल विषय उपलब्ध हैं। नीति आयोग ने माध्यमिक स्तर पर व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को अनिवार्य रूप से मुख्यधारा के विषयों के साथ एकीकृत करने और इंडस्ट्री-4.0 (AI, रोबोटिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर) के अनुरूप कौशल प्रदान करने की त्रि-स्तरीय कार्ययोजना का प्रस्ताव दिया है।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend), राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन (NSDM), प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0, और मानव संसाधन विकास नीतियां।
22. PNGRB Approves 1,800-km LPG Pipeline Infrastructure with ₹7,000 Crore Investment
- ऊर्जा अवसंरचना का विस्तार: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने देश के छह प्रमुख राज्यों में ₹7,000 करोड़ के निजी एवं सार्वजनिक पूंजी निवेश से 1,800 किलोमीटर लंबी नई कॉमन-कैरियर एलपीजी पाइपलाइनों (LPG Pipelines) के निर्माण को विनियामक स्वीकृति प्रदान की है।
- क्षमता एवं पर्यावरणीय लाभ: इस नए आवंटन के साथ भारत का स्वीकृत एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क 7,700 किलोमीटर से 23.5 प्रतिशत बढ़कर 9,500 किलोमीटर हो जाएगा। पाइपलाइनों के माध्यम से रसोई गैस के सुरक्षित और भूमिगत परिवहन से सड़कों पर चलने वाले हजारों भारी गैस टैंकरों की आवश्यकता समाप्त होगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी और प्रतिवर्ष लाखों टन कार्बन उत्सर्जन की बचत होगी।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: राष्ट्रीय गैस ग्रिड मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, हाइड्रोकार्बन अवसंरचना और भारत का नेट-जीरो 2070 लक्ष्य।
23. MeitY Launches GENESIS Entrepreneur-in-Residence (EIR) Cohort 3.0 to Foster Deep-Tech Startups
- इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने अपने स्टार्टअप हब के माध्यम से तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित अनुसंधान पार्क में ‘जेनेसिस एंटरप्रेन्योर-इन-रेजिडेंस (GENESIS EIR) कोहोर्ट 3.0’ को औपचारिक रूप से लॉन्च किया।
- वित्तीय एवं तकनीकी समर्थन: इस कार्यक्रम के अंतर्गत टियर-2 और टियर-3 शहरों के चयनित 35 डीप-टेक स्टार्टअप्स और युवा नवप्रवर्तकों को अपने विचारों को प्रोटोटाइप में बदलने हेतु ₹10 लाख तक की गैर-इक्विटी अनुदान सहायता, समर्पित प्रयोगशाला सुविधाएं और वैश्विक मेंटरशिप प्रदान की जाएगी। इसके फोकस क्षेत्रों में सेमीकंडक्टर डिजाइन (VLSI), क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, और ड्रोन तकनीक शामिल हैं।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: भारत सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission), डिजिटल इंडिया पहल, डीप-टेक स्टार्टअप नीति और राष्ट्रीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र।
24. Central Bureau of Narcotics (CBN) and PHARMEXCIL Sign Strategic MoU to Streamline Pharma Exports
- नियामकीय सुगमता एवं निर्यात संवर्धन: केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन कार्यरत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN), ग्वालियर और वाणिज्य मंत्रालय समर्थित फार्मास्यूटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (PHARMEXCIL) ने भारत के वैध औषधीय एवं नियंत्रित पदार्थों (Controlled Substances) के निर्यात को पारदर्शी व तीव्र बनाने हेतु एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
- डिजिटल ट्रेसिबिलिटी और अनुपालन: इस समझौते का उद्देश्य एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act 1985) के तहत नियंत्रित दवाओं (जैसे पेनकिलर्स और एनेस्थेटिक्स) के लिए आयात-निर्यात अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाना है। इससे भारतीय फार्मा उद्योग को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपने निर्यात समय में 40% की कटौती करने में मदद मिलेगी।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: भारत का फार्मास्यूटिकल क्षेत्र (Pharmacy of the World), नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट 1985, और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार।
25. Ministry of Home Affairs Constitutes High-Level Committee on Gorkhaland Administrative Solution
- समिति का गठन एवं जनादेश: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और तराई-डुआर्स क्षेत्र के ऐतिहासिक गोरखा समुदाय की दीर्घकालिक मांगों के स्थायी संवैधानिक एवं प्रशासनिक समाधान हेतु पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Deputy NSA) पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
- संवैधानिक विचारणीय विषय: समिति भारतीय संविधान के ढांचे के भीतर गोरखा स्वायत्त परिषद को अधिक विधायी एवं वित्तीय अधिकार सौंपने (अनुच्छेद 244A एवं 6वीं अनुसूची के अनुरूप मॉडल), 11 छूटे हुए गोरखा समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की व्यवहार्यता, और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास हेतु विशेष केंद्रीय अनुदान पैकेज की रूपरेखा तैयार करेगी।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: संविधान की 5वीं एवं 6वीं अनुसूची, स्वायत्त जिला परिषदें (ADCs), अंतर-राज्यीय सीमा विवाद, और भारत की आंतरिक सुरक्षा एवं उत्तर-पूर्व भू-राजनीति।
26. UPI Logs Phenomenal Growth: Crosses ₹314 Lakh Crore in Transaction Value in FY26
- डिजिटल भुगतान की ऐतिहासिक उपलब्धि: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी नवीनतम वार्षिक समीक्षा के अनुसार, भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा और तीव्र डिजिटल भुगतान तंत्र बनकर उभरा है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में अपने शुभारंभ वर्ष के मात्र 1.78 करोड़ लेनदेन की तुलना में वित्तीय वर्ष 2025-26 में यूपीआई लेनदेन का आकार बढ़कर 24,162 करोड़ वार्षिक लेनदेन को पार कर गया है।
- आर्थिक मूल्य वृद्धि: मूल्य के संदर्भ में, यूपीआई लेनदेन का कुल संचयी मूल्य वर्ष 2017 के ₹6,947 करोड़ (₹0.07 लाख करोड़) से 4,000 गुना से अधिक बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में ₹314 लाख करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। वर्तमान में वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन का लगभग 48 प्रतिशत अकेले भारत में संपन्न होता है।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: भारत का डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना मॉडल (India Stack / DPI), वित्तीय समावेशन, कैशलेस अर्थव्यवस्था और फिनटेक क्षेत्र में भारतीय नवाचार।
27. Devastating Neonatal Intensive Care Unit Fire Incident at PIMS Hospital Islamabad: Public Safety Failures
- हादसा एवं जांच रिपोर्ट: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित शीर्ष संघीय चिकित्सा संस्थान पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के प्रसूति एवं नवजात गहन चिकित्सा वार्ड (NICU) में एयर कंडीशनर कंप्रेसर में शॉर्ट सर्किट के कारण हुए भीषण विस्फोट और आग लगने से 15 नवजात शिशुओं की जलकर दर्दनाक मौत हो गई। वार्ड में मौजूद 16 शिशुओं में से केवल 1 को ही जीवित बचाया जा सका।
- सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन: प्रारंभिक प्रशासनिक जांच में अस्पताल की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है, जिसमें घटना के समय वार्ड में किसी भी डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ का मौजूद न होना, फायर स्प्रिंकलर और अलार्म सिस्टम का अक्रिय होना और आपातकालीन निकास मार्गों का बंद होना पाया गया।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना, राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC 2016) के तहत अग्नि सुरक्षा मानक और संस्थागत आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल।
28. Road Safety Emergency: Fatal High-Speed Highway Crash on NH-327E in Supaul District, Bihar
- सड़क दुर्घटना का विवरण: बिहार के सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 327E (NH-327E) पर कटेया चौक के समीप मंगलवार देर रात एक अनियंत्रित तेज रफ्तार वाहन द्वारा सड़क किनारे मंदिर के पास कीर्तन-भजन कर रहे श्रद्धालुओं को कुचलने से 5 स्थानीय ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई तथा एक गंभीर रूप से घायल हो गया।
- सड़क सुरक्षा एवं अतिक्रमण का मुद्दा: दुर्घटना के पश्चात स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया, जिन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारों पर अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत दुकानों को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। भारत में सड़क दुर्घटनाओं के कारण प्रतिवर्ष 1.5 लाख से अधिक लोगों की जान जाती है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्गों की हिस्सेदारी 35% से अधिक है।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019, सड़क सुरक्षा हेतु न्यायमूर्ति के.एस. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें, और ब्रासीलिया घोषणापत्र (Brasilia Declaration on Road Safety)।
29. The Philosophical Dimensions of Yajurvedic Upakarma and Vedic Intellectual Traditions
- वैदिक परंपरा एवं खगोलीय काल-गणना: श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर सनातन परंपरा में ज्ञानार्जन, स्वाध्याय और आत्म-संस्कार के नवीनीकरण का वार्षिक महापर्व ‘यजुर्वेदीय उपाकर्म’ (Upakarma) वैदिक विधि-विधान से संपन्न हुआ। यजुर्वेद केवल कर्मकांड का ग्रंथ नहीं है, अपितु यह ब्रह्मांडीय शाश्वत नियमों (‘ऋत’ – Rta) के अनुकूल मानव जीवन को ढालने का क्रियात्मक विज्ञान है।
- वैदिक साहित्य के संदर्भ: शतपथ ब्राह्मण (11/5/4) में स्वाध्याय की महिमा का प्रतिपादन करते हुए ऋषि यज्ञ को सर्वोपरि माना गया है—‘अहरहः स्वाध्यायमधीते’। तैत्तिरीय संहिता और काठक संहिता (34/5) में ‘छन्दसाम उपाकर्म’ का विशद विवेचन मिलता है, जिसमें ग्रीष्म के पश्चात वर्षा ऋतु के आगमन पर वेदमंत्रों के पुनरावर्तन द्वारा चेतना के शुद्धिकरण का विधान बौधायन, कात्यायन और आपस्तम्ब गृह्यसूत्रों के खगोलीय नियमों पर आधारित है।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: प्राचीन भारतीय इतिहास, वैदिक साहित्य (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद), ब्राह्मण ग्रंथ, आरण्यक, उपनिषद तथा 6 वेदांग।
30. Economic Dimensions of Indian Cinema: Domestic Box Office Crosses Major Industry Milestones in August 2026
- फिल्म उद्योग का आर्थिक प्रभाव: भारतीय फिल्म एवं मनोरंजन उद्योग ने वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर मजबूत आर्थिक वृद्धि प्रदर्शित की है। हालिया रिलीज फिल्मों ने ₹1,180 करोड़ से अधिक के संचयी राजस्व के साथ देश में सेवा क्षेत्र, मल्टीप्लेक्स अवसंरचना और डिजिटल स्ट्रीमिंग अधिकारों के माध्यम से राज्य सरकारों के वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
- JPSC/JSSC परीक्षा संदर्भ: भारतीय अर्थव्यवस्था में मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग का योगदान, सॉफ्ट पावर कूटनीति, और रचनात्मक अर्थव्यवस्था (Creative Economy)।
📊 Comprehensive High-Yield Statistical Dashboard (26 August 2026)
| नीतिगत सूचकांक / पैरामीटर | मुख्य डेटा / सांख्यिकी | संबद्ध प्रशासनिक निकाय | परीक्षा उपयोगिता एवं मुख्य बिंदु |
|---|---|---|---|
| झारखंड मानसूनी वर्षा विचलन | पाकुड़: -53%, देवघर: -48%, कोडरमा: -45% | मौसम केंद्र रांची (IMD) | कृषि-जलवायु क्षेत्र VII में सुखाड़ प्रबंधन एवं भूजल रिचार्जिंग। |
| झारखंड DMFT फंड ऑडिट | कुल संग्रह: ₹18,250 Cr | अप्रयुक्त: ₹7,915 Cr | खान एवं भूतत्व विभाग, झारखंड | धनबाद (₹2,393 Cr) और चाईबासा (₹1,802 Cr) में अप्रयुक्त राशि की उच्चता। |
| DRDO MCPS सिस्टम टेस्ट | 22,000 फीट ड्रॉप, 13,700 फीट लैंडिंग (-15°C) | ADRDE आगरा / BEML बेंगलुरु | स्वदेशी NavIC से लैस 32,000 फीट क्षमता वाली एकमात्र लड़ाकू पैराशूट प्रणाली। |
| रेलवे हाई डेंसिटी नेटवर्क (HDN) | 11,000 किमी (16% नेटवर्क = 41% ट्रैफिक) | रेल मंत्रालय, भारत सरकार | 7 प्रमुख ट्रंक मार्गों पर फोरलेनिंग एवं स्वचालित कवच प्रणाली की स्थापना। |
| भारत वार्षिक मत्स्य उत्पादन | 1.97 करोड़ टन उत्पादन | $8.46 Bn निर्यात | मत्स्य पालन मंत्रालय / MPEDA | भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक; ब्लू इकोनॉमी विस्तार। |
| UPI डिजिटल भुगतान वृद्धि | 24,162 करोड़ वार्षिक लेनदेन (₹314 लाख Cr) | NPCI / भारतीय रिजर्व बैंक | वैश्विक रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन में भारत की 48% हिस्सेदारी। |
| नीति आयोग NEET युवा सांख्यिकी | 8.7 करोड़ युवा (15-29 वर्ष) NEET श्रेणी में | NITI Aayog (NSS 78th Round) | 12 में से 1 से भी कम विद्यालय में व्यावसायिक कौशल शिक्षा की उपलब्धता। |
⚡ Quick Bite: 20 Fast-Revision Exclusive Exam One-Liners (26 August 2026)
- Bhote Koshi River: तिब्बत हिमालय से निकलकर नेपाल के रसुवा जिले से बहने वाली यह प्रमुख सीमा-पार नदी है, जो आगे चलकर त्रिशूली और नारायणी (गंडक) नदी में विलीन हो जाती है।
- Valmikinagar Barrage: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में भारत-नेपाल सीमा पर गंडक नदी पर अवस्थित 36 फाटकों वाला प्रमुख जल नियंत्रण बराज है।
- Nyoma-Mudh Drop Zone: दक्षिण-पूर्वी लद्दाख में 13,700 फीट से अधिक की तुंगता पर स्थित दुनिया के उच्चतम सैन्य परीक्षण ड्रॉप जोनों में से एक है।
- ADRDE Agra: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट प्रयोगशाला हवाई ड्रॉपिंग प्रणालियों के निर्माण हेतु समर्पित है।
- CSIR-NML Jamshedpur: 26 नवंबर 1950 को स्थापित भारत की अग्रणी राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला जो खनिज एवं धातुकर्म नवाचार का प्रमुख केंद्र है।
- Jharkhand Crime Control Act 2002: राज्य में आदतन अपराधियों और संगठित माफिया सिंडिकेट पर अंकुश लगाने तथा जिला बदर (Externment) करने हेतु अधिकृत विशेष राज्य कानून है।
- Tenth Schedule of Indian Constitution: 52वें संविधान संशोधन अधिनियम 1985 द्वारा समाविष्ट, जो सांसदों एवं विधायकों की दल-बदल के आधार पर अयोग्यता का निर्धारण करती है।
- DMFT Dhanbad Corpus: झारखंड के सभी 24 जिलों में से धनबाद जिला ₹2,393.58 करोड़ की सर्वाधिक अप्रयुक्त DMFT राशि के साथ शीर्ष पर है।
- Pakur Monsoon Deficit 2026: संताल परगना का पाकुड़ जिला वर्तमान मानसूनी सत्र में -53% वर्षा विचलन के साथ राज्य का सर्वाधिक सूखाग्रस्त जिला दर्ज हुआ है।
- GENESIS EIR Cohort 3.0: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा डीप-टेक स्टार्टअप्स को ₹10 लाख तक की गैर-इक्विटी वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना है।
- PNGRB LPG Infrastructure Expansion: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड द्वारा देश में 1,800 किमी नई एलपीजी पाइपलाइन निर्माण हेतु ₹7,000 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
- NavIC Positioning in MCPS: भारत का स्वदेशी उपग्रह नेविगेशन तंत्र जो इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के दौरान सैन्य पैराशूट जंपर्स को जैमिंग-मुक्त सटीक लैंडिंग सुनिश्चित करता है।
- Konar (Hazaribagh): दामोदर घाटी निगम (DVC) के अधीन कोनार क्षेत्र में 26 अगस्त 2026 को राज्य भर में सर्वाधिक 43.4 मिलीमीटर दैनिक मानसूनी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
- Baharagora (East Singhbhum): ओडिशा और पश्चिम बंगाल सीमा से सटा यह स्थल 35.0°C तापमान के साथ राज्य का सर्वाधिक गर्म स्थान दर्ज किया गया।
- Mahuajari Panchayat (Mandar): रांची के मांडर प्रखण्ड का यह गांव झाकसा (JHALSA) के 60 दिवसीय राज्यव्यापी मेगा कानूनी जागरूकता अभियान के प्रथम चरण का उद्घाटन स्थल बना।
- NDPS Act 1985 Regulatory Scope: केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में इस विधिक अधिनियम का प्रवर्तन करता है।
- PIMS Hospital Islamabad Incident: पाकिस्तान का प्रमुख संघीय चिकित्सा संस्थान जहां एसी कंप्रेसर विस्फोट के कारण एनआईसीयू वार्ड में भीषण अग्निकांड हुआ।
- BNS Section 221 & 132: भारतीय न्याय संहिता 2023 की ये धाराएं लोक सेवकों के वैधानिक कर्तव्यों में बाधा डालने और उन पर आपराधिक हमले के अपराध को गैर-जमानती बनाती हैं।
- Yajurvedic Upakarma Tradition: श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को वेदों के नूतन स्वाध्याय सत्र के आरंभ, मानसिक शुद्धि और ब्रह्मतेज जागरण का प्राचीन वार्षिक वैदिक अनुष्ठान है।
- Jharkhand Legislative Representation: झारखंड राज्य में 81 निर्वाचित विधानसभा सीटें, 14 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र तथा संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में 6 सीटें निर्धारित हैं।
❓ Frequently Asked Questions (Schema-Ready High-Yield Exam FAQs)
Q1: What is the District Mineral Foundation Trust (DMFT) and what is its statutory role in Jharkhand’s governance?
उत्तर: जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) की स्थापना खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2015 की धारा 9B के तहत की गई थी। यह एक गैर-लाभकारी वैधानिक निकाय है, जिसका मुख्य उद्देश्य खनन गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों और स्थानीय जनजातीय समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय उत्थान हेतु कार्य करना है। झारखंड में इसके तहत अब तक ₹18,250 करोड़ से अधिक का कोष एकत्रित हुआ है। इसके फंड का कम से कम 60% उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और महिला-बाल कल्याण पर व्यय करना अनिवार्य है (झारखंडी बाबा पोर्टल पर DMFT फंड विश्लेषण देखें)।
Q2: What are the key technical breakthroughs of DRDO’s Indigenous Military Combat Parachute System (MCPS)?
उत्तर: MCPS को ADRDE आगरा और BEML द्वारा विकसित किया गया है। यह 25,000 से 32,000 फीट की अत्यधिक तुंगता (Extreme Altitudes) से सैन्य कमांडो संचालन हेतु पूरी तरह स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया पहला भारतीय पैराशूट है। इसकी मुख्य विशेषताओं में शून्य से -15°C कम तापमान में प्रभावी कार्यप्रणाली, भारत के स्वदेशी उपग्रह तंत्र नाविक (NavIC) द्वारा संचालित जैमिंग-मुक्त दिशा-निर्देशन, एकीकृत स्वदेशी पैरा-कंप्यूटर और अत्यधिक ऊंचाई हेतु उन्नत ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम शामिल हैं (रक्षा प्रौद्योगिकी करंट अफेयर्स नोट्स पढ़ें)।
Q3: Under what constitutional mandate does the Tenth Schedule operate regarding disqualified legislators?
उत्तर: 52वें संविधान संशोधन 1985 द्वारा समाविष्ट 10वीं अनुसूची के अंतर्गत यदि कोई सांसद या विधायक स्वेच्छा से अपने दल की सदस्यता छोड़ता है अथवा सदन में पार्टी व्हिप के विरुद्ध मतदान करता है/अनुपस्थित रहता है, तो संबंधित सदन के पीठासीन अधिकारी (अध्यक्ष/सभापति) को उसकी सदस्यता समाप्त करने का अधिकार है। 91वें संविधान संशोधन 2003 के अनुसार केवल मूल पार्टी के दो-तिहाई सदस्यों के अन्य दल में विलय को ही विधिक मान्यता प्राप्त है। किहोटो होलोहन वाद (1992) के तहत स्पीकर का निर्णय न्यायिक समीक्षा के अधीन है।
Q4: What is the strategic importance of CSIR-National Metallurgical Laboratory (NML) in Jamshedpur?
उत्तर: CSIR-NML जमशेदपुर (स्थापना 1950) भारत की अग्रणी शोध संस्था है जो देश के रणनीतिक और महत्वपूर्ण खनिजों (लीथियम, कोबाल्ट, टाइटेनियम, निकेल), उन्नत मिश्र धातुओं, खनिज अपशिष्टों से धातु निष्कर्षण (Urban Mining/Recycling) और हरित धातुकर्म तकनीकों के विकास हेतु समर्पित है। यह भारत की खनिज आत्मनिर्भरता और औद्योगिक विकास में केंद्रीय भूमिका निभाती है (झारखंड के प्रमुख अनुसंधान संस्थान)।