Jharkhand Current Affairs 23 September 2026
Exam Strategy & Mentor’s Insight:
आज के अध्ययन मॉड्यूल में करमा पूजा (प्रकृति एवं जनजातीय जीवन दर्शन), पीएम पोषण योजना के बजटीय आवंटन, तथा विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े वैधानिक व प्रशासनिक पहलुओं का गहन संकलन किया गया है। मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से हिमालयी पारिस्थितिकी व हिमनद जोखिम (संपादकीय विश्लेषण) और आपदा प्रबंधन तंत्र पर विशेष उत्तर-लेखन अभ्यास तैयार करें।
SECTION I: Jharkhand State Affairs, Policies & Judicial Rulings
Karam Festival Celebrated Across Jharkhand: Cultural & Ecological Ethos
मुख्य तथ्य: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को संपूर्ण झारखंड में प्रकृति का महापर्व करमा पूरे विधि-विधान व श्रद्धा के साथ मनाया गया। पारंपरिक अखड़ों में पहान द्वारा विधिवत करम डाली स्थापित की गई और करम-धरम की पौराणिक कथा सुनाई गई। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने समस्त राज्यवासियों को इस लोकपर्व की शुभकामनाएं दीं।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: करमा पर्व झारखंड की जनजातीय व मूलवासी संस्कृति का मेरुदंड है। यह पर्व मुख्य रूप से कृषि कार्यों, फसलों की हरियाली, भाई-बहन के पवित्र स्नेह तथा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। युवतियां दिनभर उपवास रखकर अपने भाइयों की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं तथा पारंपरिक जावा फूल और करम डाली का पूजन करती हैं।
गहन विश्लेषण: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संदेश दिया कि जल, जंगल और जमीन केवल जीवन-यापन के आधार नहीं, बल्कि झारखंडी संस्कृति व आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर हैं। करमा पर्व आधुनिकता के युग में भी समाज को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और सतत विकास (Sustainable Development) के साथ संतुलन बनाए रखने का संदेश देता है। अखड़ा संस्कृति सामाजिक एकजुटता और सहभागिता का अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत करती है।
PM Poshan Scheme Allocation: ₹302.13 Crore Released for FY 2026-27
मुख्य तथ्य: झारखंड के सरकारी विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना (पीएम पोषण) के संचालन हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹302.13 करोड़ जारी किए गए हैं। इसमें केंद्रीय अंश (Central Share) ₹181.27 करोड़ और राज्यांश (State Share) ₹120.85 करोड़ शामिल है। राशि का उपयोग खाद्य सामग्री क्रय और रसोइया-सह-सहायिकाओं के मानदेय भुगतान हेतु किया जाएगा।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण द्वारा सभी जिला शिक्षा अधीक्षकों (DSE) को दिशा-निर्देश प्रेषित किए गए हैं। जिलों के आवंटन के तहत रांची को कुल ₹16.42 करोड़ (₹9.85 करोड़ केंद्रांश व ₹6.56 करोड़ राज्यांश), गिरिडीह को ₹15.62 करोड़ केंद्रांश, पलामू को ₹14.23 करोड़, गढ़वा को ₹9.27 करोड़, पूर्वी सिंहभूम को ₹7.13 करोड़ तथा गुमला को ₹6.86 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
गहन विश्लेषण: इस वित्तीय आवंटन में बाल वाटिका के लिए 112 दिन तथा प्राथमिक व उच्च प्राथमिक कक्षाओं हेतु 107 दिनों के मध्याह्न भोजन का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है। रसोइयों के मानदेय वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए बिल विपत्र ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निष्पादित करने और पिछले उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) के समायोजन के बाद ही अगली किस्त जारी करने की शर्त जोड़ी गई है।
Jurisprudential Clarity: Bihar Prohibition & Excise Act 2016 Inapplicable in Jharkhand, Rules High Court
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ (Background Context): बोकारो के न्यायिक दंडाधिकारी एवं सत्र न्यायाधीश ने वाहन जब्ती को सही ठहराते हुए उसकी रिहाई याचिका इस आधार पर खारिज कर दी थी कि बिहार उत्पाद अधिनियम 2016 के तहत अवैध शराब ढोने वाले वाहनों के मामले में नियमित आपराधिक अदालतों का क्षेत्राधिकार वर्जित (Barred) है। वाहन मालिक ने हाईकोर्ट में दलील दी कि वाहन बैंक ऋण पर लिया गया है और पुलिस अभिरक्षा में खुले में पड़े रहने से नष्ट हो रहा है, जबकि उपायुक्त के समक्ष कोई जब्तीकरण (Confiscation) कार्यवाही भी शुरू नहीं की गई है।
गहन विश्लेषण (Detailed Analysis): उच्च न्यायालय ने अपने ऐतिहासिक निर्णय में रेखांकित किया कि बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 (Bihar Reorganisation Act, 2000) के तहत 15 नवंबर 2000 को झारखण्ड राज्य के गठन के बाद बिहार विधानमंडल द्वारा 2016 में पारित कोई भी राज्य अधिनियम झारखण्ड पर स्वतः प्रभावी नहीं हो सकता। अदालत ने निर्देश दिया कि यदि बोकारो उपायुक्त द्वारा झारखण्ड उत्पाद नियमों के तहत जब्ती की औपचारिक प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है, तो वाहन को आवश्यक बंधपत्र (Bail Bonds) लेकर तत्काल मुक्त किया जाए। यह फैसला राज्य में अंतर-राज्यीय कानूनी सीमाओं और कार्यकारी क्षेत्राधिकार के विभाजन को पुनर्स्थापित करता है।
Urban Economics: Ranchi Jumps 74 Spots to Rank 792nd in Oxford Economics Global Cities Index 2026
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ (Background Context): यह सूचकांक विश्व के 1,000 शहरों का मूल्यांकन पांच प्रमुख आयामों—अर्थव्यवस्था (Economics), मानव पूंजी (Human Capital), जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life), पर्यावरण (Environment) और शासन (Governance)—पर आधारित 27 संकेतकों के आधार पर करता है। रिपोर्ट दर्शाती है कि भारत के 55 शहर विश्व के शीर्ष 100 ‘शहरी विकास दर’ (Urban Growth Leaders) में शामिल हैं, जो आर्थिक गतिशीलता के विकेंद्रीकरण का प्रमाण है।
गहन विश्लेषण (Detailed Analysis): रांची के स्कोर में वृद्धि का प्राथमिक आधार उसका त्वरित आर्थिक विस्तार, बुनियादी ढांचे में पूंजी निवेश (जैसे फ्लाईओवर्स, रिंग रोड और स्मार्ट सिटी परियोजनाएं) तथा रोजगार सृजन दर है। हालांकि रिपोर्ट यह भी आगाह करती है कि आर्थिक संवृद्धि स्वतः बेहतर जीवन स्तर में परिवर्तित नहीं होती। ‘जीवन की गुणवत्ता’ (Quality of Life) श्रेणी में भारतीय शहरों की औसत रैंकिंग 850वीं है, जहां वायु प्रदूषण, स्वास्थ्य ढांचा, आय असमानता और सार्वजनिक परिवहन आज भी प्रमुख संरचनात्मक बाधाएं बने हुए हैं।
Indigenous Cultural Cinema: Santali Short Film ‘Aangen’ Wins Historic National Film Award for Director Ravi Raj Murmu
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ (Background Context): पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा क्षेत्र के निवासी रवि राज मुर्मु ने जमशेदपुर के विख्यात करीम सिटी कॉलेज (Karim City College) से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की और तत्पश्चात भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) पुणे से फिल्म संपादन का उच्च प्रशिक्षण हासिल किया। 12 मिनट की यह संथाली फिल्म जनजातीय लोककथाओं, गांव के रोजमर्रा के जीवन, सांस्कृतिक जड़ों और विस्थापन के सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक प्रभावों को संवेदनशीलता से चित्रित करती है।
गहन विश्लेषण (Detailed Analysis): संथाली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में 92वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के माध्यम से शामिल किया गया था। इस संवैधानिक मान्यता के बावजूद संथाली सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर दृश्यता और मुख्यधारा का वितरण मंच नहीं मिल सका था। ‘आंगेन’ को मिला यह सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान झारखण्ड की समृद्ध जनजातीय वाचिक परंपरा (Oral Folklore) और स्थानीय कहानियों को विश्व पटल पर स्थापित करने में एक सांस्कृतिक मील का पत्थर है, जो राज्य के उभरते स्वदेशी फिल्मकारों के लिए नई संभावनाएं खोलेगा।
Agrarian Empowerment: State Drafts ‘Mahila Kisan Khushhali Yojana’ Offering ₹7 Lakh Support for Integrated Farming
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ (Background Context): झारखण्ड की 45.8% महिला कार्यबल कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में स्व-नियोजित है, लेकिन वे परंपरागत रूप से एकल-फसल (विशेषकर वर्षा-आधारित धान) पर निर्भर हैं। जलवायु परिवर्तन और अनियमित मानसून के कारण होने वाले फसल नुकसान से निपटने के लिए विभाग ने आगामी पांच वर्षों में राज्यभर में 1,680 संधारणीय समन्वित कृषि मॉडल स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।
गहन विश्लेषण (Detailed Analysis): समन्वित कृषि प्रणाली (IFS) में धान्य फसलों की खेती के साथ-साथ बागवानी (Horticulture), पशुपालन (Dairy/Goat rearing), मत्स्य पालन (Pisciculture), और कुक्कुट पालन (Poultry) को एक चक्रीय पारिस्थितिक तंत्र में जोड़ा जाता है। एक घटक का अपशिष्ट (जैसे गोबर और फसल अवशेष) दूसरे घटक के लिए जैविक खाद या चारे का कार्य करता है। यह योजना जेएसएलपीएस (JSLPS) की सखी मंडलों के माध्यम से अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अत्यंत पिछड़े वर्ग की महिला किसानों को प्राथमिक लाभार्थी बनाकर ग्रामीण घरेलू आय में बहुआयामी वृद्धि सुनिश्चित करेगी।
All India Ophthalmological Society Mid-Term Conference: Ranchi Hosts 1000 Eye Specialists
मुख्य तथ्य: झारखंड के चिकित्सा इतिहास में पहली बार ‘ऑल इंडिया ऑप्थेलमोलॉजिकल सोसाइटी’ (AIOS) का पांचवां मिड-टर्म सम्मेलन 25 से 27 सितंबर 2026 तक रांची के होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश भर से 1,000 से अधिक ख्यातिप्राप्त नेत्र रोग विशेषज्ञ भाग लेंगे।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. बी.पी. कश्यप और आयोजन सचिव डॉ. भारती कश्यप ने बताया कि सम्मेलन का उद्घाटन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह द्वारा किया जाएगा। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दीपक चौधरी भी इसमें विशेष रूप से शिरकत करेंगे।
गहन विश्लेषण: इस त्रि-दिवसीय सम्मेलन में कॉर्निया, रेटिना, ग्लूकोमा, पीडियाट्रिक ऑप्थल्मोलॉजी तथा रोबोटिक व लेजर नेत्र शल्य चिकित्सा की नवीनतम तकनीकों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही झारखंड जैसे विकासशील राज्य में ग्रामीण स्तर पर मोतियाबिंद उन्मूलन और समय पर दृष्टि-दोष जांच की कार्ययोजना पर विशेष सत्र आयोजित होगा।
Governor Santosh Gangwar Interacts with Foreign Scholars under ICCR at Lok Bhavan
मुख्य तथ्य: भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के अंतर्गत झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा व शोध कर रहे विभिन्न देशों (श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, इराक व अफ्रीकी देशों) के विदेशी विद्यार्थियों से राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने लोक भवन (राजभवन), रांची में संवाद किया और उन्हें भारत का ‘सच्चा ब्रांड एंबेसडर’ बताया।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: राज्यपाल ने भारत के प्राचीन गौरवशाली शैक्षणिक इतिहास (नालंदा, तक्षशिला, विक्रमशिला) को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत सदियों से ज्ञान व दर्शन के माध्यम से ‘विश्वगुरु’ रहा है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के साथ भारत वैश्विक ज्ञान-अर्थव्यवस्था का नेतृत्व कर रहा है।
गहन विश्लेषण: भारत की विदेश नीति में ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ और ‘सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी’ (Soft Power Diplomacy) अत्यंत महत्वपूर्ण घटक हैं। विदेशी विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, अहिंसा और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ना अंतरराष्ट्रीय संबंधों में दीर्घकालिक जन-से-जन संपर्क (People-to-People Contact) का मजबूत आधार तैयार करता है।
Sustainable Transport Index: Jharkhand Ranks 18th Nationally with 40 Points in India Electric Mobility Index 2025
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ (Background Context): यह सूचकांक राज्यों के परिवहन विद्युतीकरण, चार्जिंग बुनियादी ढांचे की तत्परता, ईवी विनिर्माण नीतियों, और नवाचार इकोसिस्टम का व्यापक मूल्यांकन करता है। वर्ष 2024 के सूचकांक में झारखण्ड 19वें स्थान पर था, जहां इस वर्ष एक पायदान का मामूली सुधार दर्ज हुआ है।
गहन विश्लेषण (Detailed Analysis): रिपोर्ट के घटक विश्लेषण के अनुसार झारखण्ड का ट्रांसपोर्ट इलेक्ट्रिफिकेशन स्कोर 36 और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर रेडीनेस स्कोर 40 रहा। परंतु राज्य का सबसे कमजोर पक्ष ‘रिसर्च, इनोवेशन एवं कौशल’ रहा, जहां झारखण्ड को मात्र 10 अंक मिले हैं। हालांकि राज्य सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों को ईवी खरीद हेतु ब्याज मुक्त ऋण और इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स छूट की सकारात्मक सराहना की गई है, परंतु राजमार्गों पर फास्ट चार्जिंग स्टेशनों की कमी, सिंगल-विंडो अप्रूवल का अभाव और स्थानीय बैटरी विनिर्माण संयंत्रों की अनुपस्थिति तीव्र गति से ईवी अपनाने में प्रमुख बाधाएं बनी हुई हैं।
Technological Innovation: IIIT Ranchi Team ‘Nav-X’ Wins First Prize at State-Level Hackathon ‘Handi-X 2026’
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ (Background Context): जेयूटी द्वारा आयोजित इस हैकथॉन में झारखण्ड के 40 से अधिक इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों की 150 से अधिक टीमों ने भाग लिया था। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य की स्थानीय समस्याओं—जैसे ग्रामीण लॉजिस्टिक्स, खनन सुरक्षा, वनोपज आपूर्ति श्रृंखला और आपदा प्रबंधन—के लिए स्वदेशी एआई-आधारित सॉफ्टवेयर समाधान विकसित करना था।
गहन विश्लेषण (Detailed Analysis): ट्रिपल आईटी रांची के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने रेखांकित किया कि यह उपलब्धि झारखण्ड में स्थानीय नवाचार और ‘डीप-टेक’ स्टार्टअप संस्कृति के उभार को दर्शाती है। प्रतियोगिता में प्रदर्शित समाधानों ने एज-कंप्यूटिंग (Edge Computing) और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का उपयोग कर यह सिद्ध किया कि कैसे उच्च प्रौद्योगिकी को राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में सार्वजनिक सेवाओं के वितरण और औद्योगिक सुरक्षा सुधार हेतु लागू किया जा सकता है।
Institutional Student Safety: BIT Mesra Installs Anti-Suicide Downrod Ceiling Fans Across 14 Campus Hostels
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ (Background Context): आईआईटी बॉम्बे में द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे और पूर्व में विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों में हुई आत्महत्याओं के बाद सुरक्षा मानकों पर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बीआईटी मेसरा परिसर में भी पूर्व में छात्रावास के भीतर छात्रों द्वारा आत्महत्या के मामले सामने आए थे। संस्थान प्रबंधन ने प्रथम चरण में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के छात्रावासों में इसे अनिवार्य रूप से लगाना प्रारंभ किया है।
गहन विश्लेषण (Detailed Analysis): विशेषज्ञ यह रेखांकित करते हैं कि केवल भौतिक अवरोध (Physical Barriers) जैसे एंटी-सुसाइड पंखे लगाना आत्महत्या रोकथाम का अंतिम समाधान नहीं हो सकता। इसके साथ-साथ अकादमिक दबाव प्रबंधन, पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली, जातिगत व सामाजिक भेदभाव से मुक्त वातावरण, तथा 24×7 सक्रिय पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र (Counseling Cells) स्थापित करना अनिवार्य है। बीआईटी मेसरा ने इसके समानांतर छात्र वेलबीइंग परामर्श सत्रों को भी सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है।
Criminal Justice Administration: Simdega Police Tops Jharkhand in Implementation of New Criminal Laws on Nyay Samhita Dashboard
मुख्य तथ्य (Core Facts): झारखण्ड पुलिस मुख्यालय द्वारा नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)—के अनुपालन और क्रियान्वयन की मासिक प्रगति रिपोर्ट जारी की गई है। गृह मंत्रालय के ‘न्याय संहिता डैशबोर्ड’ (Nyay Samhita Dashboard / CCTNS) के राज्यस्तरीय मूल्यांकन में सिमडेगा जिला पुलिस ने 100 में से सर्वाधिक दक्षता अंक प्राप्त करते हुए पूरे झारखण्ड में प्रथम स्थान हासिल किया है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नए कानूनों की सुसंगत धाराओं के तहत समयबद्ध ई-एफआईआर दर्ज करने, डिजिटल जब्ती (Digital Seizure) के ऑडियो-वीडियो साक्ष्य संग्रहण और सीसीटीएनएस (CCTNS) पोर्टल पर शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने में जिले का प्रदर्शन राज्य में सर्वश्रेष्ठ रहा।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ (Background Context): 1 जुलाई 2024 से देश में औपनिवेशिक काल की आईपीसी, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को प्रतिस्थापित कर नए तीन आपराधिक कानून लागू किए गए थे। इनके सुचारू क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीसीटीएनएस प्रणाली को अपग्रेड कर ‘न्याय संहिता डैशबोर्ड’ विकसित किया है। इसके माध्यम से सभी जिलों के थानों में नए कानूनी प्रावधानों (जैसे धारा 105 BNSS के तहत वीडियोग्राफी, शून्य एफआईआर, और समयबद्ध आरोप पत्र) की वास्तविक समय (Real-time) में निगरानी की जाती है। सिमडेगा एसपी के मार्गदर्शन में सभी थाना प्रभारियों और अनुसंधानकर्ताओं (IOs) के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गई थीं।
गहन विश्लेषण (Detailed Analysis): नए कानूनी ढांचे की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता अन्वेषण प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक एकीकरण और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत तलाशी व जब्ती के दौरान अनिवार्य वीडियोग्राफी, ई-साक्ष्य का प्रमाणीकरण, तथा 90 दिनों के भीतर पीड़ितों को अनुसंधान की प्रगति से अवगत कराना अनिवार्य है। सिमडेगा जैसे आदिवासी बहुल और सीमावर्ती जिले में डिजिटल अवसंरचना और मानव संसाधन का प्रभावी उपयोग यह दर्शाता है कि पुलिसिंग में प्रौद्योगिकी का सफल एकीकरण सुदूरवर्ती क्षेत्रों में भी त्वरित न्याय प्रणाली और पुलिस जवाबदेही को सुदृढ़ कर सकता है।
Civil Registration Reforms: MHA Mandates Judicial Court Approval for Birth and Death Certificates Delayed Beyond Two Years
मुख्य तथ्य (Core Facts): भारत के महारजिस्ट्रार (Registrar General of India – RGI) एवं केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम वैधानिक अधिसूचना के अनुसार, देश में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नियमों में कड़ा बदलाव किया गया है[cite: 7]। नए विनियामक ढांचे के तहत यदि किसी व्यक्ति के जन्म या मृत्यु की घटना के दो वर्ष के भीतर पंजीकरण कराकर प्रमाण पत्र नहीं बनवाया जाता है, तो उसके बाद प्रमाण पत्र निर्गत कराने हेतु सक्षम न्यायालय (Court of Law) से विधिवत अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा[cite: 7]। यह नई व्यवस्था पूरे देश में 1 अक्टूबर 2026 से औपचारिक रूप से प्रभावी होगी[cite: 7]। हालांकि, दो वर्ष तक की समयसीमा के भीतर पंजीकरण की मौजूदा प्रक्रिया में कोई फेरबदल नहीं किया गया है[cite: 7]।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ (Background Context): संशोधित जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023 (Registration of Births and Deaths Amendment Act, 2023) के क्रियान्वयन की दिशा में यह कदम उठाया गया है। वर्तमान प्रचलित व्यवस्था में 30 दिनों के भीतर अस्पताल डिस्चार्ज स्लिप या संस्थागत अभिलेखों के आधार पर नगर निगम अथवा ग्राम पंचायत से सीधा प्रमाण पत्र निर्गत हो जाता है[cite: 7]। 30 दिन से 1 वर्ष तक के मामलों में सांख्यिकी विभाग (शहरी क्षेत्र) एवं बीडीओ (ग्रामीण क्षेत्र) की अनुमति से प्रमाण पत्र बनता है[cite: 7]। वहीं 1 से 2 वर्ष के बीच नोटरी शपथ पत्र, स्थानीय जनप्रतिनिधि की संस्तुति और पड़ोसियों की गवाही के उपरांत कार्यपालक दंडाधिकारी (SDO Court) के आदेश से प्रमाण पत्र जारी किया जाता रहा है[cite: 7]। अब दो वर्ष बीतने के बाद कार्यकारी दंडाधिकारी के बजाय सीधे न्यायिक अदालत की जांच प्रक्रिया अनिवार्य होगी[cite: 7]।
गहन विश्लेषण एवं प्रशासनिक प्रभाव (Detailed Administrative Analysis):
पूर्ववर्ती प्रणाली में वर्षों पुराने जन्म या मृत्यु के मामलों में केवल नोटरीकृत शपथ पत्र (Affidavit) दाखिल कर बैक-डेट में आसानी से विलंबित प्रमाण पत्र बनवा लिए जाते थे, जिससे अवैध नागरिकता दावों, जाली आयु प्रमाण पत्रों, विरासत संपत्ति विवादों और बीमा क्लेम में भारी फर्जीवाड़े की आशंका बनी रहती थी[cite: 7]। गृह मंत्रालय की इस नई व्यवस्था का प्राथमिक उद्देश्य सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) की प्रामाणिकता और डेटा संप्रभुता को अक्षुण्ण बनाना है। दो वर्ष से अधिक पुराने मामलों में अब आवेदक को न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे, जिसकी गहन न्यायिक जांच के बाद ही आदेश पारित होगा[cite: 7]। दो वर्ष से पुराने मामलों में किस न्यायिक स्तर के दंडाधिकारी अनुमति देंगे तथा क्या प्रक्रियात्मक दस्तावेज अनिवार्य होंगे, इसके लिए राज्य सरकारें शीघ्र ही विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करेंगी[cite: 7]।
Labour Economics: NSO Survey Highlights Inter-District Employment Disparity Across 10 Districts in Jharkhand
मुख्य तथ्य (Core Facts): राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी नवीनतम रोजगार सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, झारखण्ड के 10 प्रमुख जिलों में कार्यबल सहभागिता और बेरोजगारी की स्थिति में व्यापक क्षेत्रीय असंतुलन देखा गया है। जहां पश्चिमी सिंहभूम में प्रति 10 में से 7 लोग रोजगार में लगे हैं (कामकाजी दर 67.1%), वहीं धनबाद में आधी से अधिक आबादी (53.3%) के पास कोई काम नहीं है और इसकी कामकाजी दर घटकर मात्र 46.7% रह गई है। राज्य के जिलों में बेरोजगारी दर के मामले में बोकारो 8.6% के साथ शीर्ष पर है, जिसके बाद धनबाद (8.0%) और पूर्वी सिंहभूम (4.3%) का स्थान है, जबकि पलामू में बेरोजगारी दर सबसे कम मात्र 1.1% तथा रांची में 2.7% दर्ज की गई है।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ (Background Context): औद्योगिक व खनन बहुल जिलों जैसे धनबाद और बोकारो में असंगठित क्षेत्र के सिकुड़ने और भारी उद्योगों में स्वचालन (Mechanisation) बढ़ने के कारण पारंपरिक रोजगार के अवसर सीमित हुए हैं। दूसरी ओर, पश्चिमी सिंहभूम और गढ़वा (65.5% कामकाजी दर) जैसे जिलों में कृषि, वनोपज संग्रहण और ग्रामीण शारीरिक श्रम की उच्च सहभागिता के कारण कामकाजी दर अधिक दिखती है। सर्वेक्षण यह भी दर्शाता है कि युवाओं में कौशल की कमी और संगठित विनिर्माण की अनुपस्थिति के कारण शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद रोजगार पाने में लंबा समय लग रहा है।
गहन विश्लेषण (Detailed Analysis): रिपोर्ट का सबसे चिंताजनक पहलू ‘नीट’ (NEET: Not in Education, Employment, or Training) युवा आबादी का उच्च अनुपात है। राज्य के 10 जिलों में देवघर में सर्वाधिक 32.4% युवा न तो पढ़ाई कर रहे हैं, न ही किसी प्रशिक्षण या रोजगार से जुड़े हैं। बोकारो में यह आंकड़ा 30.0% और पूर्वी सिंहभूम में 28.3% दर्ज किया गया है। यह विरोधाभास स्पष्ट करता है कि ग्रामीण जिलों में अल्प-रोजगार (Underemployment) और प्रच्छन्न बेरोजगारी (Disguised Unemployment) के कारण लोग किसी न किसी कार्य में व्यस्त दिखते हैं, जबकि शहरी-औद्योगिक केंद्रों में युवा अपनी शैक्षिक आकांक्षाओं के अनुरूप औपचारिक रोजगार न मिलने से खुली बेरोजगारी और निष्क्रियता का सामना कर रहे हैं।
Eco-Tourism & Gastronomic Diplomacy: State Convenes Three-Day Tourism Conclave as High Court Chief Justice Reviews Jonha Falls Heritage
मुख्य तथ्य (Core Facts): झारखण्ड के प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक जलप्रपातों और समृद्ध जनजातीय पाक-कला (Tribal Culinary Arts) को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के उद्देश्य से राजधानी रांची स्थित होटल रेडिसन ब्लू में 24 से 26 सितंबर 2026 तक त्रि-दिवसीय ‘झारखण्ड टूरिज्म कॉन्क्लेव एवं कलिनरी एक्सपीडिशन 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। ‘डेस्टिनेशन झारखण्ड: फ्रॉम हिडन जेम टू ग्लोबल अट्रैक्शन’ थीम पर आयोजित इस सम्मेलन के समानांतर झारखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति महेश शरद चंद्र सोनक (Chief Justice M.S. Sonak) ने रांची जिले के अनगड़ा प्रखंड स्थित प्रसिद्ध जोन्हा जलप्रपात (गौतमधारा) का सपरिवार भ्रमण कर वहां की प्राकृतिक जैव विविधता, सुरक्षा मानकों और इको-टूरिज्म सुविधाओं का प्रत्यक्ष जायजा लिया।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ (Background Context): पर्यटन निदेशालय, झारखण्ड पर्यटन विकास निगम (JTDC), कलामंदिर जमशेदपुर तथा केनरा बैंक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कॉन्क्लेव के तहत देश-विदेश से आमंत्रित प्रतिष्ठित शेफ्स और ट्रेवल इंफ्लुएंसर्स का दल घाटशिला के डोगरा हेरिटेज विलेज का दौरा करेगा, जहां वे संथाल एवं हो समुदायों के पारंपरिक व्यंजनों (कंद-मूल, महुआ व वनोपज आधारित आहार) का अनुभव लेंगे। इसके साथ ही दलमा वन्यजीव अभयारण्य और चांडिल डैम में इको-टूरिज्म भ्रमण भी शामिल है। दूसरी ओर, राढ़ू नदी के तट पर स्थित हैंगिंग-वैली जलप्रपात जोन्हा (गौतमधारा) के निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने वन विभाग के कैफेटेरिया में समय बिताया और स्थानीय ‘पर्यटक मित्रों’ (राजकिशोर प्रसाद व बालेश्वर बेदिया) से संवाद कर पर्यटकों की सुरक्षा, रेलिंग व्यवस्था और आजीविका की स्थिति की जानकारी ली।
गहन विश्लेषण एवं नीतिगत महत्व (Detailed Policy Analysis):
झारखण्ड का पर्यटन मॉडल अब केवल पारंपरिक तीर्थाटन तक सीमित न रहकर इको-टूरिज्म (Eco-Tourism), रूरल होम-स्टे और कलिनरी टूरिज्म (Culinary Tourism) के बहु-आयामी समन्वय की ओर बढ़ रहा है। आईएचएम रांची के प्रमुख डॉ. भूपेश कुमार तथा कॉन्क्लेव में शामिल विशेषज्ञ—आईएचएम देहरादून के प्राचार्य डॉ. विनीत चौहान व डीआईजी एसएसबी आशीष कुमार—ने रेखांकित किया कि जनजातीय खान-पान पर्यावरण-अनुकूल और पोषक तत्वों से भरपूर है, जिसे वैश्विक आतिथ्य उद्योग के मेन्यू से जोड़कर स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं। वहीं, उच्च न्यायपालिका के शीर्ष स्तर से जोन्हा जैसे संवेदनशील जलप्रपातों की बुनियादी सुविधाओं का संज्ञान लिया जाना यह सुनिश्चित करता है कि बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ प्राकृतिक नदी कगारों के नाजुक पारिस्थितिक तंत्र (Riparian Ecology) और पर्यटक सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन हो।
SECTION II: National, International, Macroeconomics & Editorial Analysis
Editorial Deep-Dive: Fragile Himalayas, GLOF Hazards & Climate Vulnerabilities
मुख्य तथ्य: नेपाल के लांगटांग लिरुंग पर्वत में 5,150 मीटर की ऊंचाई पर चट्टान व हिमखंड टूटने से आई विनाशकारी बाढ़ (जिसमें 1,300+ मौतें हुईं) ने समूचे हिमालयी क्षेत्र में हिमनद झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) और रॉक-आइस एवलांच के गंभीर संकट की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: भारतीय हिमालयी क्षेत्र में जोखिम तेजी से बढ़ रहा है। सिक्किम में 40 उच्च-जोखिम वाली हिमनद झीलों की पहचान की गई है जिनमें 16 अत्यंत संवेदनशील हैं। वहीं आईआईटी मंडी के 2025 के अध्ययन के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर 2,076 हिमनद झीलें दर्ज की गई हैं, जो 2015 की तुलना में 710 अधिक हैं और इनका सामूहिक क्षेत्रफल 28.45% बढ़ा है।
गहन विश्लेषण: हिमालय केवल बर्फ की चादर नहीं, बल्कि भारत की जल, ऊर्जा व कृषि सुरक्षा का मूलाधार है। अनियंत्रित निर्माण (सुरंगें, बांध, भारी पर्यटन) पहाड़ों की वहन-क्षमता (Carrying Capacity) को पार कर चुका है। इसके समाधान हेतु केवल राज्य-स्तरीय प्रयास पर्याप्त नहीं हैं; बल्कि उपग्रह, रडार, डिस्चार्ज सेंसर और स्वचालित पूर्व चेतावनी तंत्र (Early Warning System) के साथ एक ‘समेकित हिमालयी अंतर-राज्यीय ग्रिड’ का गठन अनिवार्य है।
Asian Games 2026: Indian Women’s Cricket Clinches Historic Back-to-Back Gold
मुख्य तथ्य: आइची-नागोया (जापान) में आयोजित 20वें एशियाई खेलों के महिला टी20 क्रिकेट फाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 147 रनों के विशाल अंतर से पराजित कर लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह मौजूदा खेलों में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट पर 216 रन बनाए, जिसमें स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने विस्फोटक अर्धशतक जड़े। लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम 15.4 ओवर में मात्र 69 रनों पर ढेर हो गई। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में मात्र 6 रन देकर 3 विकेट लिए। 147 रनों की यह जीत महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत बन गई है।
गहन विश्लेषण: इस जीत के साथ एशियाई खेलों की पदक तालिका में भारत के पदकों की संख्या 7 (1 स्वर्ण, 4 रजत, 2 कांस्य) पहुंच गई। भारतीय महिला क्रिकेट का यह दबदबा बीसीसीआई द्वारा वेतन समानता (Pay Equity Policy) और महिला प्रीमियर लीग (WPL) के माध्यम से प्रतिभाओं के सशक्तिकरण का प्रत्यक्ष परिणाम है।
IMD Issues Warning for Potential Cyclonic Storm ‘Arnab’ in Bay of Bengal
मुख्य तथ्य: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन अगले 10 घंटों में डीप डिप्रेशन में तब्दील होकर तीव्र चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इस चक्रवात का नामकरण ‘अर्णव’ (Cyclone Arnab) होगा।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: चक्रवात के नामकरण की सूची के अनुसार ‘अर्णव’ नाम बांग्लादेश द्वारा सुझाया गया है, जिसका बंगाली भाषा में अर्थ ‘सागर’ अथवा ‘महासागर’ होता है। यह तूफान 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट को पार करने की संभावना है।
गहन विश्लेषण: विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और एस्केप (ESCAP) के तहत उत्तरी हिंद महासागर में चक्रवातों के नामकरण की व्यवस्था 13 सदस्य देशों (भारत, बांग्लादेश, ईरान, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, यूएई और यमन) द्वारा क्रमिक रूप से की जाती है। चक्रवाती प्रणालियां तटीय बुनियादी ढांचे के साथ-साथ मानसून वापसी (Retreating Monsoon) की गतिशीलता को भी पुनर्परिभाषित करती हैं।
72nd National Film Awards: Tourism Integration Policy & Bullet Train Updates
मुख्य तथ्य: केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आयोजित करने की नई नीति लागू की गई है। उन्होंने सभी राज्यों से अपने प्रमुख पर्यटन स्थलों को आगामी संस्करणों के लिए नामांकित करने का आह्वान किया।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: केंद्रीय मंत्री ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना (MAHSR) की प्रगति रिपोर्ट भी जारी की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दिसंबर तक सूरत से वापी के मध्य प्रथम 50 किमी सेक्शन का सिविल कार्य पूर्ण हो जाएगा तथा अप्रैल-मई 2027 तक स्वदेशी डिजाइन और आईपी अधिकारों वाली पहली बुलेट ट्रेन का पटरी पर व्यापक ट्रायल रन शुरू होगा।
गहन विश्लेषण: राष्ट्रीय पुरस्कारों को बंद कमरों और विज्ञान भवन से निकालकर राष्ट्रीय पर्यटन स्थलों पर ले जाने का उद्देश्य ‘फिल्म-प्रेरित पर्यटन’ (Film-Induced Tourism) को गति देना है। वहीं हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर देश के विनिर्माण क्षेत्र (मेक इन इंडिया) और सेमी-हाई स्पीड लॉजिस्टिक्स में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
UNGA 81st Session: Geopolitical Tensions & Multilateral Diplomacy in New York
मुख्य तथ्य: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का 81वां वार्षिक सत्र न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में राष्ट्राध्यक्षों के संबोधन के साथ शुरू हुआ। इस वर्ष सत्र का केंद्रीय विषय ‘रीबिल्डिंग ट्रस्ट एंड रीग्नाइटिंग ग्लोबल सॉलिडेरिटी’ (Rebuilding Trust) निर्धारित किया गया है।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का प्रतिनिधिमंडल न्यूयॉर्क पहुंचा। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा ईरानी प्रतिनिधिमंडल पर यात्रा व विलासिता सामग्री क्रय पर कड़े राजनयिक प्रतिबंध लगाए गए हैं।
गहन विश्लेषण: संयुक्त राष्ट्र महासभा वर्तमान में गंभीर बहुपक्षीय संकट और वैश्विक ध्रुवीकरण के दौर से गुजर रही है। गाजा, लेबनान और यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में वीटो-युक्त सुरक्षा परिषद (UNSC) की विफलता ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और बहुपक्षीय वैश्विक व्यवस्था की प्रासंगिकता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं, जिससे ग्लोबल साउथ के देशों द्वारा यूएन सुधारों की मांग तेज हुई है।
Asian Games Boxing: Sakshi Choudhary Causes Massive Upset Over Olympic Medalist
मुख्य तथ्य: एशियाई खेल 2026 में भारतीय महिला मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने 51 किग्रा भार वर्ग में पेरिस ओलंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता फिलीपींस की ऐरा विलेगास (Aira Villegas) को 5-0 के एकतरफा सर्वसम्मत निर्णय से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: 26 वर्षीय साक्षी चौधरी पूर्व जूनियर व युवा विश्व चैंपियन हैं। उन्होंने राष्ट्रीय चयन ट्रायल्स में दो बार की विश्व चैंपियन निखत जरीन को हराकर इस भार वर्ग में अपनी जगह पक्की की थी। मैच के तीनों राउंड में सभी पांचों जजों ने साक्षी को पूरे 10-10 अंक प्रदान किए।
गहन विश्लेषण: साक्षी की रणनीति ओलंपिक पदक विजेता के विरुद्ध उनकी लंबी रीच (Reach) और तीव्र फुटवर्क का उपयोग कर दूरी बनाए रखने और काउंटर-पंचिंग करने की रही। यह जीत भारतीय मुक्केबाजी दल के लिए मनोबल बढ़ाने वाली है और पेरिस ओलंपिक के बाद भारतीय मुक्केबाजी के पुनरुत्थान को प्रदर्शित करती है।
Rain-Curtailed Historic T20I: India Defeats Japan by 2 Runs in Sano
मुख्य तथ्य: भारत और जापान के मध्य राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सानो (जापान) में आयोजित ऐतिहासिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत ने बारिश से बाधित 5-5 ओवर के मुकाबले में जापान को मात्र 2 रनों से पराजित किया।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: स्पिन की अनुकूल पिच पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 ओवर में 4 विकेट पर 32 रन बनाए (कप्तान श्रेयस अय्यर ने 16 रन बनाए)। जवाब में जापानी टीम 3 विकेट पर 30 रन ही बना सकी। अंतिम ओवर में 8 रनों की दरकार के समय अक्षर पटेल ने शानदार गेंदबाजी कर जीत सुनिश्चित की।
गहन विश्लेषण: ‘क्रिकेट कूटनीति’ (Cricket Diplomacy) के माध्यम से गैर-पारंपरिक क्रिकेट राष्ट्रों में खेल का प्रसार भारत की सॉफ्ट पावर नीति का अहम अंग है। 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में क्रिकेट के समावेशन के मद्देनजर आईसीसी एसोसिएट देशों जैसे जापान में बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रहा है।
Asian Games Men’s Kabaddi: India Dominates South Korea 63-31
मुख्य तथ्य: एशियन गेम्स 2026 में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरी भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने ग्रुप-ए के अपने दूसरे मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 63-31 के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: तोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में खेले गए इस मुकाबले में कप्तान सुनील कुमार की अगुवाई में भारतीय टीम ने हाफ-टाइम तक ही 34-14 की बढ़त बना ली थी। भारत ने पूरे मैच में कोरिया को तीन बार ऑल-आउट किया और रेडर्स ने कुल 38 अंक बटोरे।
गहन विश्लेषण: एशियाई खेलों के इतिहास में पुरुष कबड्डी में भारत का पूर्ण वर्चस्व रहा है (पिछले 10 में से 9 स्वर्ण पदक)। प्रो कबड्डी लीग (PKL) के पेशेवर तंत्र ने भारतीय खिलाड़ियों के फिटनेस और रणनीतिक कौशल को विश्वस्तरीय बनाया है।
Asian Games Shooting: China Sets World Record in 10m Air Rifle Mixed Team
मुख्य तथ्य: एशियन गेम्स 2026 की 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में चीन की वांग युकी और शेंग लिहाओ की जोड़ी ने 507.1 अंक का नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करते हुए स्वर्ण पदक जीता। भारतीय जोड़ी इलावेनिल वलारिवन और पार्थ माने 376.3 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गई।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: दक्षिण कोरिया की बान ह्योजिन और पार्क हाजुन ने 502.9 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि जापान की जोड़ी ने कांस्य पदक प्राप्त किया। क्वालीफिकेशन में भारतीय टीम 634.6 अंक लेकर दूसरे स्थान पर थी, किंतु फाइनल के दबाव में पिछड़ गई।
गहन विश्लेषण: निशानेबाजी में भारत और चीन के मध्य कड़ा एशियाई मुकाबला रहता है। मिश्रित टीम स्पर्धाओं में एकाग्रता और तात्कालिक सामंजस्य की आवश्यकता होती है। चौथे स्थान पर रहे वियतनाम को तकनीकी त्रुटि के कारण अयोग्य (DSQ) घोषित किया गया।
Mirabai Chanu Targets 90kg Snatch in Asian Games Weightlifting
मुख्य तथ्य: ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू एशियाई खेलों में महिलाओं के 49 किग्रा भार वर्ग में अपने पदक के सूखे को समाप्त करने के लक्ष्य से उतरेंगी। उनका मुख्य मुकाबला उत्तर कोरिया की विश्व व एशियाई रिकॉर्ड धारक री सोंग गम (Ri Song Gum) से होगा।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: मीराबाई चानू ने विश्व चैंपियनशिप और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीते हैं, किंतु 2014 (9वां स्थान) और 2023 (चौथा स्थान) में वे एशियाई पोडियम से चूक गई थीं। मुख्य कोच विजय शर्मा के मार्गदर्शन में वे स्नैच में 90 किग्रा भार उठाने का व्यक्तिगत लक्ष्य साध रही हैं।
गहन विश्लेषण: चीनी भारोत्तोलकों की अनुपस्थिति में भारत के पास पदक का स्वर्णिम अवसर है। भारोत्तोलन में स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों का समग्र स्कोर पदक निर्धारित करता है, जहां क्लीन एंड जर्क में मीराबाई का विश्वस्तरीय रिकॉर्ड (119 किग्रा) रहा है।
Zaheer Khan Appointed Head Coach of Chennai Super Kings (CSK) for IPL 2027
मुख्य तथ्य: पांच बार की आईपीएल चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने आईपीएल 2027 सीजन के लिए भारत के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जहीर खान को अपना नया मुख्य कोच (Head Coach) नियुक्त किया है। वे न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग का स्थान लेंगे।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: स्टीफन फ्लेमिंग 16 वर्षों तक सीएसके के मुख्य कोच रहे और फ्रेंचाइजी को पांच खिताब जिताए। 2026 के आईपीएल में सीएसके का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था और टीम 14 मैचों में 6 जीत के साथ अंक तालिका में आठवें स्थान पर रही थी।
गहन विश्लेषण: जहीर खान के पास मुंबई इंडियंस में क्रिकेट संचालन निदेशक और लखनऊ सुपर जाइंट्स में मेंटर के रूप में रणनीतिक अनुभव है। ऋतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व वाली युवा सीएसके टीम में गेंदबाजी रणनीति और भारतीय प्रतिभाओं को संवारने में उनका आगमन गेम-चेंजर माना जा रहा है।
Enforcement Directorate Raids in Greater Mohali (GMADA) Land Scam Case
मुख्य तथ्य: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) में कथित वित्तीय भ्रष्टाचार और बिल्डरों को बाहरी विकास शुल्क (EDC) व दंडात्मक ब्याज में अवैध छूट देने के मामले में दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली और लुधियाना में व्यापक छापेमारी की।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: जांच एजेंसी ने पंजाब के प्रमुख सचिव (आवास एवं शहरी विकास) आईएएस विकास गर्ग के परिसरों और जीएमएडीए मुख्यालय की तलाशी ली। जांच का दायरा सरकारी जमीनों की नीलामी में नियमों के उल्लंघन और बिल्डरों को करोड़ों रुपये के बकाया राजस्व में दी गई अनुचित राहत से जुड़ा है।
गहन विश्लेषण: धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (PMLA) के तहत ईडी की कार्रवाई यह रेखांकित करती है कि रियल एस्टेट और शहरी विकास प्राधिकरणों में सांठगांठ से सरकारी खजाने को राजस्व की भारी क्षति पहुंचाई जाती है। प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही और विवेकाधीन शक्तियों पर अंकुश लगाना सुशासन की प्राथमिक शर्त है।
Biopic on RAW Founder R.N. Kao Announced: Historical Intelligence Architecture
मुख्य तथ्य: भारत की बाह्य खुफिया एजेंसी ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ (R&AW) के संस्थापक प्रमुख रामेश्वर नाथ काओ (R.N. Kao) के जीवन और 1955 से 1971 के खुफिया इतिहास पर आधारित बायोपिक फिल्म की घोषणा की गई है, जो 11 अगस्त 2028 को रिलीज होगी।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: यह फिल्म रक्षा विशेषज्ञ नितिन गोखले की पुस्तक ‘आर.एन. काओ: जेंटलमैन स्पाईमास्टर’ पर आधारित होगी। 1968 में रॉ की स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह रिलीज होगी। इसमें 1971 के भारत-पाक मुक्ति संग्राम, ‘मुक्ति वाहिनी’ के गठन और सिक्किम के भारत में विलय में खुफिया तंत्र की भूमिका को दर्शाया जाएगा।
गहन विश्लेषण: 1962 के भारत-चीन युद्ध और 1965 के भारत-पाक युद्ध के पश्चात इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से पृथक कर 21 सितंबर 1968 को रॉ का गठन सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन किया गया था। रणनीतिक स्वायत्तता, बाह्य खुफिया आकलन और सामरिक सुरक्षा में आर.एन. काओ का योगदान अद्वितीय माना जाता है।
Asian Games Badminton: Indian Women’s Team Bows Out in Quarterfinals to Japan
मुख्य तथ्य: एशियाई खेल 2026 में भारतीय महिला बैडमिंटन टीम को क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मजबूत मेजबान जापान के हाथों 1-3 से हार का सामना करना पड़ा और भारतीय टीम पदक की दौड़ से बाहर हो गई।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी.वी. सिंधु विश्व नंबर 3 अकाने यामागुची के विरुद्ध कड़े मुकाबले में 23-21, 18-21, 6-21 से पराजित हुईं। इसके बाद उन्नति हुड्डा एकल मैच हार गईं। विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता तृषा जॉली और गायत्री गोपीचंद की युगल जोड़ी ने युकी फुकुशिमा व मायु मात्सुमोतो को 21-17, 21-16 से हराकर स्कोर 1-2 किया, किंतु तीसरे एकल में अनमोल खरब पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से हार गईं।
गहन विश्लेषण: भारतीय बैडमिंटन में महिला एकल वर्ग में सिंधु के बाद अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव चिंता का विषय है, जबकि महिला युगल (जॉली-गोपीचंद) में भारत का प्रदर्शन लगातार मजबूत हुआ है।
Nutritional & Ayurvedic Pharmacology: Clinical Significance of Raw Garlic (Allium sativum)
मुख्य तथ्य: आधुनिक पोषण विज्ञान और पारंपरिक आयुर्वेद ने खाली पेट कच्चा लहसुन चबाकर खाने के बायोकेमिकल व मेटाबॉलिक लाभों को प्रमाणित किया है। इसमें मौजूद मुख्य सक्रिय बायोएक्टिव घटक ‘एलिसिन’ (Allicin) उच्च रक्तचाप नियंत्रण, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल में कमी और संवहनी स्वास्थ्य में चमत्कारी भूमिका निभाता है।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ: नैदानिक अध्ययनों के अनुसार लहसुन को काटकर या चबाकर कुछ मिनट खुला छोड़ने पर ‘एलीनेज’ (Alliinase) एंजाइम सक्रिय होकर ‘एलीन’ को ‘एलिसिन’ में परिवर्तित करता है, जो शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट और प्राकृतिक एंटी-माइक्रोबियल के रूप में कार्य करता है।
गहन विश्लेषण: गैर-संचारी रोगों (NCDs) जैसे हाइपरटेंशन, एथेरोस्क्लेरोसिस और टाइप-2 डायबिटीज के बढ़ते मामलों के बीच आहार-आधारित निवारक स्वास्थ्य उपाय (Preventive Healthcare) सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर वित्तीय बोझ को कम करने में अत्यधिक प्रासंगिक हैं।
Key Statistical & Policy Indicators at a Glance
| विषय / पैरामीटर | आंकड़ा / स्थिति (22 सितंबर 2026) | तुलनात्मक / पूर्व संदर्भ | महत्वपूर्ण परीक्षा टेकअवे |
|---|---|---|---|
| पीएम पोषण बजट (झारखंड) | कुल: ₹302.13 करोड़ (केंद्रांश ₹181.27 Cr + राज्यांश ₹120.85 Cr) | वित्तीय वर्ष 2026-27 स्वीकृति | बाल वाटिका (112 दिन), कक्षा 1-8 (107 दिन) का भोजन |
| झारखंड मानसून वर्षा | 892.5 मिमी (सामान्य 970 मिमी से -8% कम) | 1 जून से 22 सितंबर 2026 | पश्चिमी सिंहभूम (+40% अधिक), पाकुड़ (-52% गंभीर कमी) |
| मतदाता पुनरीक्षण (SIR झारखंड) | फॉर्म-6: 5,83,116 | फॉर्म-8: 3,85,640 | फॉर्म-7: 9,322 | 20 सितंबर 2026 तक संकलित | अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन की मूल तिथि 19 अक्टूबर |
| महिला टी20 क्रिकेट (Asian Games) | भारत 216/3, श्रीलंका 69/10 (भारत 147 रन से जीता) | पिछला रिकॉर्ड: मलेशिया के विरुद्ध 142 रन | लगातार दूसरा स्वर्ण; भारत का कुल पदक योग: 7 |
| 10m एयर राइफल मिक्स्ड टीम | स्वर्ण: चीन (507.1 WR) | भारत: चौथा स्थान (376.3) | क्वालीफिकेशन स्कोर: चीन (638.9 WR) | पार्थ माने व इलावेनिल वलारिवन फाइनल में चूके |
| पुरुष कबड्डी (Asian Games) | भारत ने दक्षिण कोरिया को 63-31 से हराया | पहले मैच में जापान को हराया था | 3 ऑल-आउट, कुल 38 रेड टच प्वाइंट्स दर्ज |
| हिमालयी हिमनद झीलें (हिमाचल) | 2,076 झीलें (क्षेत्रफल में +28.45% वृद्धि) | 2015 की तुलना में 710 नई झीलें | आईआईटी मंडी अध्ययन; सिक्किम में 16 अति-संवेदनशील |
Quick Bite Sticky Box: 30 Fast-Revision One-Liners
- Karam Festival Date: झारखंड में प्रकृति महापर्व करमा भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है।
- Karam Rituals: करम पूजा में पाहन द्वारा अखड़ा में करम डाली स्थापित कर करम-धरम की पौराणिक कथा सुनाई जाती है।
- PM Poshan Fund Jharkhand: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए झारखंड में पीएम पोषण योजना हेतु कुल ₹302.13 करोड़ जारी किए गए।
- PM Poshan Sharing Pattern: इस आवंटन में केंद्रीय अंश ₹181.27 करोड़ और राज्यांश ₹120.85 करोड़ सम्मिलित है।
- District Top Allocation: पीएम पोषण के तहत रांची को सर्वाधिक ₹16.42 करोड़ और गिरिडीह को ₹15.62 करोड़ केंद्रांश मिला।
- School Working Days: योजनांतर्गत बाल वाटिका के लिए 112 दिन और कक्षा 1-8 के लिए 107 दिनों के मध्याह्न भोजन का प्रावधान है।
- SIR 2026 Jharkhand: झारखंड में विशेष संक्षिप्त मतदाता पुनरीक्षण के तहत फॉर्म-6 के जरिए 5.83 लाख से अधिक नए आवेदन आए।
- Voter Form 7 & 8: मतदाता सूची में विलोपन/आपत्ति हेतु फॉर्म-7 और संशोधन/स्थानांतरण हेतु फॉर्म-8 भरा जाता है।
- High Court Explosives Ruling: झारखंड हाईकोर्ट ने वाहन मालिक की जिम्मेदारी तय करते हुए 10 साल की सजा पाए ट्रक मालिक की जमानत अर्जी खारिज की।
- Explosive Substances Act: विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4 और 5 अवैध विस्फोटकों के कब्जे व परिवहन से संबंधित है।
- Monsoon Deficit Jharkhand: 1 जून से 22 सितंबर 2026 तक झारखंड में सामान्य से 8% कम (892.5 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है।
- Highest & Lowest Rain Districts: पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 40% अधिक वर्षा हुई, जबकि पाकुड़ में 52% की गंभीर कमी रही।
- RU TRL Department Karam: रांची विश्वविद्यालय के टीआरएल विभाग में 9 क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं में करम महोत्सव मनाया गया।
- AIOS Conference Ranchi: ऑल इंडिया ऑप्थेलमोलॉजिकल सोसाइटी का 5वां मिड-टर्म सम्मेलन 25-27 सितंबर 2026 को रांची में आयोजित होगा।
- ICCR Scholars at Lok Bhavan: राज्यपाल संतोष गंगवार ने रांची में पढ़ रहे विभिन्न देशों के विदेशी शोधार्थियों को भारत का सच्चा ब्रांड एंबेसडर बताया।
- Bal Sansad Vidhan Sabha Visit: जेईपीसी के तहत सरकारी स्कूलों की बाल संसद के छात्रों ने झारखंड विधानसभा की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
- DALSA Elderly Rehabilitation: डालसा रांची ने मांडर के निराश्रित बुजुर्ग मधु महतो को नगड़ी स्थित वृद्धाश्रम में विधिक सहायता से पुनर्वासित कराया।
- Palamu CSP Heroism: पलामू के लेस्लीगंज में हथियारबंद लुटेरों से अकेले भिड़कर सीएसपी संचालक और उनकी मां ने दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कराया।
- Editorial on Glaciers: नेपाल में 5,150 मीटर ऊंचाई पर चट्टान-हिमस्खलन से 1,300 से अधिक मौतें हुईं, जो हिमालयी संकट की चेतावनी है।
- Himachal Glacial Lakes: आईआईटी मंडी के अनुसार हिमाचल में 3,500 मीटर से ऊपर 2,076 हिमनद झीलें हैं, जिनका क्षेत्रफल 28.45% बढ़ा है।
- Sikkim GLOF Vulnerability: सिक्किम में 40 उच्च-जोखिम हिमनद झीलों में से 16 को अति-संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित किया गया है।
- Asian Games Women’s Cricket Gold: भारत ने श्रीलंका को 147 रनों से हराकर एशियाई खेलों में महिला क्रिकेट का लगातार दूसरा स्वर्ण जीता।
- T20I Margin Record: महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 147 रनों की जीत भारत की रनों के लिहाज से सबसे बड़ी ऐतिहासिक जीत है।
- Cyclone Arnab: उत्तरी हिंद महासागर में बनने वाले आगामी चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ का नामकरण बांग्लादेश द्वारा किया गया है।
- 72nd National Film Awards Venue: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) जैसे पर्यटन केंद्रों पर आयोजित करने की घोषणा की।
- Bullet Train Timeline: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के सूरत-वापी सेक्शन का निर्माण दिसंबर 2026 तक और स्वदेशी ट्रेन का ट्रायल अप्रैल-मई 2027 तक होगा।
- Sakshi Choudhary Upset: भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने 51 किग्रा वर्ग में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ऐरा विलेगास को 5-0 से मात दी।
- India vs Japan T20I: भारत-जापान राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित 5-5 ओवर के मैच में भारत 2 रन से विजयी रहा।
- CSK Head Coach 2027: चेन्नई सुपर किंग्स ने स्टीफन फ्लेमिंग की जगह भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को हेड कोच नियुक्त किया।
- Garlic Active Compound: लहसुन में पाया जाने वाला बायोएक्टिव सल्फर यौगिक ‘एलिसिन’ (Allicin) हृदय स्वास्थ्य व बीपी नियंत्रण में सहायक है।
High-Yield Analytical FAQ Section (JPSC / JSSC / UPSC)
Q1: झारखंड में मनाए जाने वाले प्रकृति महापर्व करमा का सामाजिक, धार्मिक एवं पारिस्थितिक महत्व क्या है?
उत्तर: करमा पर्व भाद्रपद शुक्ल एकादशी को मनाया जाता है। यह पर्व प्रकृति की पूजा, कृषि समृद्धि और भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक है। युवतियां उपवास रखकर भाइयों की दीर्घायु हेतु जावा फूल और करम वृक्ष (Nauclea parvifolia) की डाली की पूजा करती हैं। पाहन द्वारा करम-धरम की कथा सुनाई जाती है जो यह संदेश देती है कि प्रकृति का अनादर विनाश लाता है और उसका संरक्षण ही मानव जीवन का आधार है।
Q2: वित्तीय वर्ष 2026-27 में झारखंड के लिए जारी पीएम पोषण योजना के बजटीय आवंटन का स्वरूप क्या है?
उत्तर: झारखंड के सरकारी विद्यालयों के लिए कुल ₹302.13 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसमें केंद्रीय अंश ₹181.27 करोड़ (लगभग 60%) और राज्यांश ₹120.85 करोड़ (लगभग 40%) है। यह राशि बाल वाटिका के 112 दिन तथा कक्षा 1 से 8 के 107 दिनों के भोजन और रसोइया-सह-सहायिकाओं के मानदेय पर व्यय की जाएगी। रांची को सर्वाधिक ₹16.42 करोड़ प्राप्त हुए हैं।
Q3: भारत निर्वाचन आयोग के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) में फॉर्म 6, 7 और 8 की क्या विधिक भूमिका है?
उत्तर: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के अंतर्गत: फॉर्म-6 का उपयोग नए निर्वाचक के पंजीकरण (18 वर्ष पूर्ण करने पर) हेतु होता है; फॉर्म-7 का उपयोग निर्वाचक नामावली में किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति अथवा नाम विलोपन हेतु किया जाता है; तथा फॉर्म-8 का उपयोग निवास परिवर्तन, प्रविष्टियों में संशोधन, एपिक प्रतिस्थापन या दिव्यांगता चिह्नांकन हेतु किया जाता है।
Q4: विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 के अंतर्गत वाणिज्यिक वाहन स्वामियों के प्रति झारखंड उच्च न्यायालय का क्या दृष्टिकोण रहा है?
उत्तर: झारखंड उच्च न्यायालय (सुल्तान वाहिद बनाम राज्य) ने स्पष्ट किया कि वाहन मालिक केवल यह कहकर अपनी आपराधिक जवाबदेही से नहीं बच सकता कि वह घटना के समय वाहन में उपस्थित नहीं था। यदि भारी मात्रा में वाणिज्यिक विस्फोटक (जैसे डेटोनेटर) का अवैध परिवहन हो रहा है, तो वाहन स्वामी की सहमति या घोर उपेक्षा मानी जाएगी, जो अधिनियम की धारा 4 व 5 के तहत दंडनीय है।
Q5: झारखंड में वर्ष 2026 के मानसून वितरण में क्षेत्रीय विषमता के प्रमुख कारण और प्रभाव क्या हैं?
उत्तर: 1 जून से 22 सितंबर तक राज्य में कुल 8% बारिश कम रही। जहां बंगाल की खाड़ी के अवदाबों के मार्ग में होने के कारण दक्षिणी व पश्चिमी सिंहभूम में 40% अधिक वर्षा हुई, वहीं संथाल परगना के पाकुड़ जिले में 52% की गंभीर कमी दर्ज की गई। यह विषमता धान की रोपाई, फसल उत्पादकता और आगामी रबी सत्र में भूजल स्तर को गंभीर रूप से प्रभावित करती है।
Q6: हिमनद झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) क्या है और हिमालयी क्षेत्र में इसके बढ़ते जोखिम के प्रमुख कारण क्या हैं?
उत्तर: जब ग्लेशियरों के पिघलने से बनी अस्थिर प्राकृतिक झीलों (मोरेन बांध) के टूटने से नीचे की घाटियों में अचानक भारी जलप्रलय आता है, तो उसे GLOF कहते हैं। ग्लोबल वार्मिंग से पर्माफ्रॉस्ट का पिघलना, ब्लैक कार्बन का जमाव, और हिमालय की वहन क्षमता से अधिक सड़कों, सुरंगों व बांधों का अनियंत्रित निर्माण इस जोखिम को विनाशकारी बना रहा है।
Q7: चक्रवात ‘अर्णव’ का नामकरण किस देश द्वारा किया गया है और उत्तरी हिंद महासागर में यह व्यवस्था कैसे काम करती है?
उत्तर: ‘अर्णव’ नाम बांग्लादेश द्वारा दिया गया है, जिसका अर्थ ‘सागर’ होता है। डब्ल्यूएमओ/एस्केप के 13 सदस्य देश (भारत, बांग्लादेश, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका आदि) वर्णानुक्रम में चक्रवातों के नाम सुझाते हैं। यह सूची पहले से तय होती है और किसी भी सिस्टम के चक्रवाती तूफान (62 किमी/घंटा से अधिक हवा) बनते ही क्रमिक नाम आवंटित कर दिया जाता है।
Q8: उच्चतम न्यायालय के ‘प्रकाश सिंह वाद (2006)’ के तहत राज्य पुलिस प्रमुख (DGP) की नियुक्ति के क्या दिशा-निर्देश हैं?
उत्तर: सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार राज्य सरकारों को डीजीपी पद हेतु वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम यूपीएससी को भेजने होते हैं। यूपीएससी सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता और सत्यनिष्ठा के आधार पर तीन अधिकारियों का पैनल तैयार करती है। राज्य उसी पैनल में से किसी एक को डीजीपी नियुक्त करेगा, जिसका न्यूनतम कार्यकाल 2 वर्ष का होगा। तदर्थ या कार्यवाहक डीजीपी बनाना नियमों का उल्लंघन है।
Q9: एशियाई खेल 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उत्तर: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 147 रनों से हराकर लगातार दूसरा एशियाई स्वर्ण पदक जीता। 147 रनों की यह जीत महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास में भारत की रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत है। यह आइची-नागोया 2026 एशियाई खेलों में भारत का पहला स्वर्ण पदक भी बना।
Q10: भारत की बाह्य खुफिया एजेंसी ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ (R&AW) के गठन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि क्या थी?
उत्तर: 1962 के भारत-चीन युद्ध और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान तत्कालीन खुफिया व्यवस्था (इंटेलिजेंस ब्यूरो) की बाह्य खुफिया सीमाओं को देखते हुए 21 सितंबर 1968 को रॉ का गठन किया गया। इसके प्रथम प्रमुख रामेश्वर नाथ काओ (R.N. Kao) थे। रॉ सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को रिपोर्ट करती है और 1971 के मुक्ति संग्राम में इसकी भूमिका निर्णायक रही थी।
प्राथमिक संदर्भ स्रोत: दैनिक गांडीव (रांची संस्करण), दैनिक जागरण (झारखंड), हिंदुस्तान, प्रभात खबर, द पायनियर, द एवेन्यू मेल, द हिंदू एवं प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB)।
विशेष शैक्षणिक संकलन एवं संपादकीय विश्लेषण: jharkhandibaba.in — जेपीएससी एवं जेएसएससी समर्पित डिजिटल गुरुकुल।
